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अकबर नहीं महाराणा थे महान, जिन्होंने उस काल में भी स्वाभिमान के लिए लड़ी लड़ाई: CM योगी

सीएम योगी ने कहा कि हमारा अतीत हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है. महाराणा प्रताप के सामने अकबर का एक संदेश था कि वे एक बार अपना बादशाह स्वीकार कर लें. ये संदेश ले जाने वालों में जयपुर के राजा मान सिंह भी थे. महाराणा प्रताप ने इसे एक बार भी स्वीकार नहीं किया. अकबर के दूतों को महाराणा प्रताप ने दो टूक कहा था कि विदेशी और विधर्मी को हम अपना बादशाह नहीं स्वीकार कर सकते.

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योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो) योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अकबर को महान मानने से इनकार करते हुए महाराणा प्रताप को महान बताया है. लखनऊ में माहाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर उन्होंने कहा कि अतीत से भटका समाज कभी अपने उज्जवल भविष्य का आधार नहीं रख सकता.

उन्होंने कहा कि हमारा अतीत हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है. महाराणा प्रताप के सामने अकबर का एक संदेश था कि वे एक बार अपना बादशाह स्वीकार कर लें. ये संदेश ले जाने वालों में जयपुर के राजा मान सिंह भी थे. महाराणा प्रताप ने इसे एक बार भी स्वीकार नहीं किया. अकबर के दूतों को महाराणा प्रताप ने दो टूक कहा था कि विदेशी और विधर्मी को हम अपना बादशाह नहीं स्वीकार कर सकते.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अकबर के साथ स्वाभिमान, सम्मान गिरवी रखने वाले राजा भी थे. लेकिन महाराणा प्रताप ने स्वाभिमान, सम्मान को अपने छोटे से राज्य के साथ जीवित रखा. यही कारण है कि 500 साल बाद भी लोग महाराणा प्रताप को याद कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अगर उन्होंने अकबर की शर्त मान ली होती तो क्या आज मेवाड़ को हम स्वाभिमान का प्रतीक मान रहे होते. महान अकबर नहीं महान महाराणा प्रताप थे जिन्होंने उस काल में भी स्वाभिमान सम्मान बनाए रखा. इतिहास में ऐसा उदाहरण मिलना विरला है. योगी ने गुरुवार को एक पत्रिका के विमोचन के दौरान ये बातें कही.

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