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नोएडा के विकास के लिए 4640 करोड़ के बजट को मिली मंजूरी

बैठक में खासतौर पर भूमि अधिग्रहण और ग्राम विकास पर जोर दिया गया. भूमि अधिग्रहण के लिए अबतक 600 करोड़ रुपये का बजट तय था, जिसे बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है. यहीं नहीं, ग्राम विकास पर खर्च होने वाला 106 करोड़ का बजट भी बढ़ाकर 125 करोड़ रुपये किया गया है.

रितु माहेश्वरी रितु माहेश्वरी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नोएडा में स्टार्टअप हब बनाने का निर्णय
  • भूमि अधिग्रहण और ग्राम विकास पर जोर

नोएडा प्राधिकरण ने 2020-21 का बजट 199वीं बोर्ड की मैराथॉन बैठक में मंजूर कर लिया है. बैठक में फैसले के मुताबिक विकास कार्यों पर 4640 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है. बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ, यमुना प्राधिकरण के सीईओ और नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी के अलावा चेयरमैन आलोक टंडन मौजूद थे. 

बैठक में खासतौर पर भूमि अधिग्रहण और ग्राम विकास पर जोर दिया गया. भूमि अधिग्रहण के लिए अबतक 600 करोड़ रुपये का बजट तय था, जिसे बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है. यहीं नहीं, ग्राम विकास पर खर्च होने वाला 106 करोड़ का बजट भी बढ़ाकर 125 करोड़ रुपये किया गया है. इस मौके पर अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त और तीनों प्राधिकरण के चेयरमैन, नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी, ग्रेटर नोएडा के सीईओ नरेंद्र भूषण, यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
नए वाटर मीटर लगाए जाएंगे
कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए ब्याज में छूट देने के आदेश के बाद शासनादेश के मुताबिक प्राधिकरण ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. इसमें आवंटियों को राहत मिलने लगेगी. प्राधिकरण ने फैसला लिया है कि करीब 80 हजार स्थानों पर वाटर मीटर लगाए जाएंगे. शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 10 फीसदी मीटर लगाने के बाद उनके सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद ही आगे भी वाटर मीटर लगाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी.

ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करने और होम बायर्स को राहत देने के लिए बैठक में फैसला लिया गया कि बिल्डर्स को प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए 30 जून 2021 की अवधि को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2021 किया गया है. बैठक में सेक्टर 122 में झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास योजना के तहत तीन मंजिला 2 बेडरूम और 1 बेडरूम भवनों को संस्थाओं को किराए पर दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया है.

किसानों के लिए योजना
इतना ही नहीं प्राधिकरण ने नोएडा के किसानों के हक में बड़ा फैसला लिया है. सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण ने आवासीय भूखंड योजना 2001 (संशोधित 2016) के अंतर्गत केवल किसानों के लिए आवासीय योजना निकालने का निर्णय लिया है. प्राधिकरण की समिति की मंजूरी के बाद 29,937 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से आवंटित किया जाएगा. बैठक में बड़े भूखंडों को सब डिविजन करने, बिल्डरों से ली जाने वाली बकाया राशि को एसबीआई के एमसीएलआर के आधार पर निर्धारण करने, आवासीय से लेकर औद्योगिक, व्यावसायिक पर चर्चा हुई. ऐसे में करीब 40 एजेंडों को इस बार मंगलवार को बोर्ड बैठक में शामिल किया गया.

बोर्ड की बैठक में प्रधानमंत्री के 'लोकल फॉर वोकल' और स्टार्टअप योजना को आगे बढ़ाने का फैसला लेते हुए नोएडा में स्टार्टअप हब बनाने का निर्णय लिया है. स्टार्टअप हब योजना के तहत सफल आवंटियों को आवश्यक कार्य पूरे करने के लिए दो माह की जगह छह माह का समय मिलेगा. साथ ही लाइसेंस अवधि को 10 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी गई है. जिले में औद्योगिकीकरण को गति देने के लिए एफएआर (Floor Area Ratio) 2.5 करने के बाद 3.5 तक अतिरिक्त एफएआर खरीदने पर संशोधन किया गया था जिसे बोर्ड की बैठक में अनुमति दे दी है. नोएडा भवन नियमावली 2010 में तय एफएआर को जस का तस रखा है. 

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