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इलाहाबाद: राष्ट्रगान को इस्लाम विरोधी बताने पर मुसलमान भी गुस्से में

संचालक के जेल जाने के बाद 300 बच्चों का भविष्य तब तक अधर में है, जब तक इस स्कूल पर जिला प्रशासन आखिरी फैसला नहीं करता.

स्कूल का मैनेजर गिरफ्तार किया गया स्कूल का मैनेजर गिरफ्तार किया गया

राष्ट्रगान जन गण मन पर सवाल उठाने वाले इलाहाबाद के उस निजी स्कूल एम.ए. कॉन्वेंट में ताला लटक चुका है, जिसके संचालक ने इस्लाम की दुहाई देकर राष्ट्रगान का विरोध किया था. यहां कथित तौर पर पिछले 12 सालों से कभी राष्ट्रगान नहीं गाया गया.

संचालक जियाउल हक का समर्थन कर रहे एक स्थानीय पार्षद समेत 7 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. स्कूल के संचालक जियाउल हक जेल भेजे जा चुके हैं, उन पर देशद्रोह का केस दर्ज किया जा चुका है. कहीं तनाव न फैल जाए इसलिए सायदाबाद की तंग गलियों में पीएसी की 2 और रैपिड एक्शन फोर्स की दो दुकड़ियां भी तैनात कर दी गई हैं.

संचालक के जेल जाने के बाद 300 बच्चों का भविष्य तब तक अधर में है, जब तक इस स्कूल पर जिला प्रशासन आखिरी फैसला नहीं करता. सायदाबाद की तंग गली के एक छोटे से स्कूल में एक संचालक की सिरफिरी सोच ने पूरे इलाके में एक अनकहा, अनसुना तनाव भी पैदा कर दिया है.

क्यों दिया मैनेजर की बात को तूल?
राष्ट्रगान जन गण मन की एक पंक्ति 'भारत भाग्य विधाता' पर सवाल खड़े कर जियाउल हक ने वहां रहने वाले मुसलमानों को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है. 'आज तक' संवाददाता ने जब गली के इस स्कूल को जाकर देखा तो दो चिंताए लोगों के चेहरों पर साफ पढ़ी जा सकतीं थी. एक हर शख्स वो चाहे हिंदू हो या मुसलमान वो जियाउल हक की बातें सुनकर गुस्से में था, लेकिन दूसरा गुस्सा इस बात पर भी था गली के एक छोटे से स्कूल के संचालक की बात को इतना तूल दे दिया गया.

सताने लगी बच्चों की चिंता
स्कूल के पास रहने वाले जुबैर अहमद कहते है कि राष्ट्रगान का अपमान हमें भी बर्दाश्त नहीं है. जियाउल हक ने हमें शर्मसार कर दिया है, लेकिन संचालक की सोच की सजा बच्चों को दी जा रही है. जुबैर के बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं. आगे के दो महीनों की फीस भी जमा है, सो उन्हें अब बच्चों की चिंता सताने लगी है.

स्कूल के ठीक सामने रहने वाले अरशद कहते है कि यहां हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी को झंडा लहराया गया और राष्ट्रगान भी हुआ है. लेकिन संचालक जियाउल हक के सोच पर हमें भी हैरत है. हालांकि इलाके के कई लोग इसमें भी सियासत की साजिश देख रहे हैं.

क्यों पनप रही ऐसी सोच?
राष्ट्रगान के अपमान पर तनाव कही दूसरा रंग न ले ले इसलिए प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा बलों की कई कंपनियां तैनात कर दी हैं. जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को बंद कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं. सभी 300 बच्चों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाशी जा रही है. बहरहाल बच्चे घरों में है, स्कूल में ताले लटके है और गली में तनाव को महसूस किया जा सकता है. लेकिन एक चर्चा आम है कि आखिर ऐसी सोच कैसे और क्यों पनप रही है?

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