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अखिलेश के कानपुर पहुंचने से पहले मनीष गुप्ता की पत्नी को लेने पहुंची पुलिस, सपा कार्यकर्ता भिड़े

प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की मौत के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है. गुरुवार को अखिलेश यादव कानपुर पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें पीड़ित परिवार से मिलना है लेकिन इससे पहले ही यहां बवाल हो गया है.

कानपुर में मनीष गुप्ता के घर के बाहर बवाल कानपुर में मनीष गुप्ता के घर के बाहर बवाल
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की मौत का मामला
  • कानपुर में पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे अखिलेश यादव
  • मनीष गुप्ता की पत्नी के घर पुलिस मौजूद, सपा कार्यकर्ताओं का हंगामा

Manish Gupta Death Case: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की संदिग्ध मौत के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल ले लिया है. गुरुवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव कानपुर में पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे हैं. लेकिन इससे पहले ही यहां पर विवाद हो गया है. 

मृतक मनीष गुप्ता के घर के बाहर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का हुजूम है. लेकिन अखिलेश यादव के आने से पहले ही स्थानीय पुलिस मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी को अपने साथ ले जा रही है. सपा कार्यकर्ताओं द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है और पुलिस वालों के साथ बहस हो रही है. 

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच पुलिस एक बार फिर मीनाक्षी को घर के अंदर ले गई है. पुलिस का कहना है कि मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी को दवा दिलाने के लिए ले जा रहे थे, लेकिन घर के बाहर जारी विरोध के बाद उन्हें अंदर वापस जाने दिया. 

मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने उनके घर पहुंचे समाजवादी पार्टी के नेताओं से कहा कि वह उनके साथ गलत कर रहे हैं. सपा विधायक इरफान का आरोप है कि पुलिस द्वारा जबरन ऐसा कहलवाया जा रहा है. 

 

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस विवाद पर पहले ही यूपी सरकार की निंदा की थी. अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा था कि गोरखपुर में पुलिस की बर्बरता ने एक युवा व्यापारी की जान ले ली. ये बहुत ही दुखद और निंदनीय है. उप्र की भाजपा सरकार ने एनकाउंटर की जिस हिंसक संस्कृति को जन्म दिया है, ये उसी का दुष्परिणाम है. संलिप्त लोगों पर हत्या का मुक़दमा चले और उप्र को हिंसा में धकेलने वाले इस्तीफ़ा दें.

समाजवादी पार्टी की ओर से ट्वीट कर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा गया. ट्वीट में लिखा गया है कि भाजपा सरकार में पुलिस का स्तर संवेदनशीलता की शून्यता से भी नीचे जा चुका है. गोरखपुर में व्यापारी मनीष गुप्ता की हत्या के बाद पुलिस को उनके बच्चे पर भी दया नहीं आई. रास्ते भर बच्चा भूख से तड़पता रहा लेकिन पुलिस वालों ने गाड़ी नहीं रोकी, शर्मनाक! अत्याचार की सारी हदें पार.

आपको बता दें कि मनीष गुप्ता कानपुर के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर थे, लेकिन गोरखपुर में पुलिस द्वारा की गई पिटाई में उनकी मौत हो गई. इस मामले में तीन पुलिसवालों समेत कुल 6 लोगों पर हत्या का केस दर्ज हुआ है. इसके अलावा 6 पुलिसवालों को सस्पेंड भी किया गया है. 

मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी द्वारा लगातार पुलिस पर आरोप लगाया जा रहा था, पहले अंत्येष्टि से इनकार किया गया था. हालांकि, सरकार के भरोसे के बाद अंत्येष्टि को परिवार माना. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे. 


 

 

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