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लखनऊ गोल्फ क्लब कार्यकारिणी विवाद में पूर्व पदाधिकारियों के दफ्तर सील, HC की कमेटी का एक्शन

यूपी में अफसरशाही के वर्चस्व का अखाड़ा बन गए प्रतिष्ठित लखनऊ गोल्फ क्लब के पूर्व पदाधिकारियों का दफ्तर सील हो गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच की ओर से गठित की गई दो सदस्यीय कमेटी ने पूर्व पदाधिकारियों के दफ्तर सील कर दिए हैं. कमेटी का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया है जिससे रिकॉर्ड और साक्ष्य सुरक्षित रहें.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच (फाइल फोटो)
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच (फाइल फोटो)

लखनऊ गोल्फ क्लब में कार्यकारिणी को लेकर विवाद में नया मोड़ आ गया है. अंग्रेजों के जमाने के लखनऊ गोल्फ क्लब में कार्यकारिणी विवाद को देखते हुए पूर्व पदाधिकारियों के दफ्तर अब सील कर दिए गए हैं. लखनऊ गोल्फ क्लब के पूर्व पदाधिकारियों के दफ्तर सील करने की कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर गठित दो सदस्यीय कमेटी ने की है.

हाईकोर्ट के आदेश पर दो सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी. इस कमेटी में जस्टिस संजय मिश्रा और रिटायर्ड जस्टिस राकेश श्रीवास्तव सदस्य हैं. इसी कमेटी ने पूर्व पदाधिकारियों के दफ्तर को सील करने का आदेश दिया जिसके बाद दफ्तर सील कर दिए गए हैं. लखनऊ गोल्फ क्लब के सेक्रेटरी, जॉइंट सेक्रेटरी और कैप्टन के क्लब में स्थित दफ्तर में दस्तावेजो में गड़बड़ी न की जा सके और रिकॉर्ड सुरक्षित रहें, इसका ध्यान रखते हुए दफ्तर सील किए गए हैं.

क्या है गोल्फ क्लब का विवाद

लखनऊ गोल्फ क्लब अफसरशाही के दो धड़ों के वर्चस्व की लड़ाई का अखाड़ा बन गया है. पिछले साल लखनऊ गोल्फ क्लब की कार्यकारिणी का चुनाव हुआ था. इस चुनाव में उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष मुकुल सिंघल और ताकतवर नौकरशाह नवनीत सहगल ने अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा था जिसमें बाजी मुकुल सिंघल के हाथ लगी थी.

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इस कार्यकारिणी को अभी एक साल भी पूरे नहीं हुए कि पिछले कुछ समय से कामकाज को लेकर असंतोष फैलने लगा. इसे लेकर 24 सितंबर को जनरल बॉडी की मीटिंग भी हुई थी. पहले जनरल बॉडी की मीटिंग में विवाद की आशंका को देखते हुए 20 सितंबर को गोल्फ क्लब के अध्यक्ष की तरफ से डीएम लखनऊ को एक पत्र भेजा गया कि वह मीटिंग में किसी प्रशासनिक अधिकारी को ऑब्जर्वर बनाकर भेजें. बाद में क्लब ने इस पत्र को वापस ले लिया लेकिन 24 सितंबर को जब लखनऊ गोल्फ क्लब में जनरल बॉडी की मीटिंग हुई तो तमाम सदस्य गोल्फ क्लब पहुंचे और हंगामा कर दिया.

अविश्वास प्रस्ताव पारित कर गठित की थी नई कार्यकारिणी

सड़क पर गाड़ियों का जाम लग गया जिसके बाद एडीएम स्तर के दो अधिकारी गोल्फ क्लब के अंदर पहुंच गए. लखनऊ जिला प्रशासन के दो अफसरों को क्लब के अंदर देख अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने वाले गुट ने प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया. इस बीच अविश्वास प्रस्ताव पारित कर लखनऊ गोल्फ क्लब की नई कार्यकारिणी बनाते हुए पूर्व डीजीपी जावेद अहमद को कार्यकारी अध्यक्ष, रविंद्र नंदा को कैप्टन और संजीव अग्रवाल को कोषाध्यक्ष बनाया गया लेकिन विवाद हाईकोर्ट पहुंच गया.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनवाई करते हुए लोकायुक्त संजय मिश्रा और रिटायर्ड जस्टिस राकेश श्रीवास्तव की दो सदस्यीय कमेटी गठित कर पूर्व और वर्तमान दोनों ही कमेटियों को काम करने से रोक दिया. हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि 18 अक्टूबर को अगली सुनवाई तक यह कमेटी लखनऊ गोल्फ क्लब का काम देखती रहेगी.

 

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