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'तुम्हारा तो अंतिम संस्कार कर चुके...' बेटे को जिंदा देख लिपट-लिपटकर रोने लगे घरवाले

UP के कौशाम्बी में एक युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था. एक मुस्लिम परिवार ने उसे अपना बेटा समझकर दफना दिया था. इसके कुछ दिन बाद फतेहपुर के एक हिंदू परिवार ने शव पर अपना दावा कर दिया था. इसकी जांच के लिए शव निकालकर डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है. इसी बीच, मुस्लिम परिवार का बेटा जिंदा वापस आ गया.

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जिसे मृत समझकर दफना दिया था, वह रमजान लौट आया जिंदा.
जिसे मृत समझकर दफना दिया था, वह रमजान लौट आया जिंदा.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रमजान और सूरज की कब्र की गुत्थी में आया नया मोड़
  • पुलिस के सामने पेश हो गया रमजान, जिसे समझा जा रहा था मृत

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में एक बेहद ही चौंका देने वाला मामला सामने आया है. हादसे में मारे गए युवक को अपना बेटा  रमजान जानकर एक मुस्लिम परिवार ने उसका अंतिम क्रिया कर्म कर दिया था. इसके कुछ दिन बाद ही एक हिंदू परिवार ने मृतक को अपना बेटा सूरज बताया था. इस मामले को लेकर पुलिस कब्र को खोदकर डीएनए जांच करवाने में जुटी थी. इसी बीच रमजान नाम के युवक ने पुलिस के सामने आकर मामले में नया ट्विस्ट ला दिया है.  

रमजान ने बताया कि रोजगार नहीं होने पर माता-पिता उसको ताने मारते थे. इससे तंग आकर वह 4 माह पहले ही प्रयागराज भाग गया था और वहां मजदूरी करने लगा था. मोबाइल नहीं होने के कारण उसका गांव से संपर्क टूट गया. इसी दौरान शुक्रवार को ही गांव के ही एक व्यक्ति ने शहर में रमजान को देखा तो वह चौंक गया.

गांववाले ने रमजान को बताया, ''तुम्हारा तो गांव में अंतिम संस्कार हो गया है और कल 40वां है.'' इसकी जानकारी होने पर रमजान घर पहुंचा, जहां उसे जीवित देख सब लोग हैरान रह गए.

अपने माता-पिता के साथ रमजान.
अपने माता-पिता के साथ रमजान.

बता दें कि 11 जून को सैनी कोतवाली क्षेत्र के मारधार रेलवे स्टेशन के पास एक युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी. इस सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. उसके बाद पुलिस ने इलाके में जितने लोग मिसिंग थे, उनके परिजन को बुलाकर शव की शिनाख़्त करवाई.

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इसी दौरान बिजलीपुर गांव की रहने वाली शफीकुन्निशा ने शव की शिनाख्त अपने बेटे रमजान के रूप में की. शव की शिनाख्त होने के बाद पोस्टमार्टम किया गया और शव सौंप दिया गया. पिता शब्बीर ने शव गांव के ही कब्रिस्तान में दफ़न कर दिया, लेकिन आज अचानक बेटे के जिंदा लौटने पर मां-बाप की खुशी का ठिकाना नहीं है.

शफीकुन्निशा का कहना है कि 4 माह से बेटे से बात नहीं हुई थी. हम लोग रो-रो कर पागल हुए जा रहे थे. जब पुलिस ने लाश को दिखाया तो हमने समझा कि हमारा बेटा है. शक्ल सूरत में मिलता जुलता था तो समझा हमारा बच्चा है. अब बेटे को जिंदा देख शब्बीर और शफीकुन्निशा दोनों खुश हैं.

कब्र में दफन लाश किसकी है, इसकी जांच के लिए गांव पहुंचे थे अधिकारी.
कब्र में दफन लाश किसकी है, इसकी जांच के लिए गांव पहुंचे थे अधिकारी.

बता दें कि कब्र में दफन किए गए शव को लेकर फतेपुर जनपद के रहने वाले संतराज ने सैनी ने दावा किया है. एक महीने पहले कोतवाली पहुंचकर सैनी ने बताया कि उन्हीं का बेटा सूरज कब्र में दफन है. जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने शव को कब्र से निकाल कर डीएनए कराने का आदेश दिया. 

डीएम सुजीत कुमार के आदेश के बाद 3 जुलाई को दोनों परिवारों को बुलाया गया और कब्र से शव निकालकर सैंपल लिया गया. उसके बाद डीएनए के लिए सैंपल लैब भेज दिया गया, लेकिन डीएनए रिपोर्ट आने से पहले ही रमजान घर वापस आ गए. हालांकि, डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि शव सूरज का है या फिर किसी और का? अब संतराज को डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है.

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सीओ डॉ. केजी सिंह ने बताया कि रमजान नाम का युवक सैनी पुलिस के सामने पेश हुआ था, जिससे पूछताछ की गई है. प्रकरण में जांच जारी है. रमजान के जीवित होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है.

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