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ज्ञानवापी-गौरी श्रृंगार परिसर के तहखाने के एक हिस्से की तस्वीरें आईं सामने, जानें अंदर क्या-क्या मिला

व्यास परिवार और प्रशासन की देखरेख में तहखाने में सामान रखा जाता है. इसके बाद सामान निकालते और रखते वक्त इसकी एक लिस्ट तैयार की जाती है. 2021 की एक ऐसी ही लिस्ट जो कि इस रामचरितमानस नवाह महायज्ञ समिति की है जो आजतक के हाथ लगी है.

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ज्ञानवापी मस्जिद परिसर. फोटो- PTI ज्ञानवापी मस्जिद परिसर. फोटो- PTI
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तस्वीरें उस बेसमेंट की हैं जहां सर्वे किया गया था

ज्ञानवापी-गौरी श्रृंगार परिसर के एक तहखाने की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं. आजतक के पास मौजूद ये तस्वीरें ज्ञानवापी परिसर के तहखाने की उस हिस्से की हैं जो व्यास परिवार के पास था. यानी तहखाने के चार कमरों में से एक कमरा जो हिंदू पक्ष के पास था यह उसकी तस्वीरे हैं. ये तस्वीरें बेसमेंट के एक कमरे की हैं, जिसका कोर्ट ने सर्वे किया था.

रामचरितमानस नवाह पाठ महायज्ञ समिति हर साल ज्ञानवापी परिसर में रामचरितमानस का पाठ कराती है और यही संस्था इस तहखाने का इस्तेमाल बांस बल्ली और टेंट का सामान पाठ के दौरान रखने के लिए करती रही है. इस संस्था ने कितना सामान अंदर रखा था, उसकी पूरी लिस्ट दी है. 

ज्ञानवापी मस्जिद सर्वेक्षण खत्म होने के बाद मामले से जुड़े एक वकील ने दावा किया कि मस्जिद परिसर में एक वुजूखाना में एक शिवलिंग पाया गया है. हालांकि, मस्जिद कमेटी ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि जिस शिवलिंग का दावा किया जा रहा था, वह वास्तव में एक फव्वारा है.

इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट को ज्ञानवापी-शृंगार गौरी परिसर के अंदर के क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जहां शिवलिंग पाया गया था.

क्या है पूरा मामला

1991 में वाराणसी की एक अदालत में दायर एक याचिका में दावा किया गया था कि ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण औरंगजेब के आदेश पर 16 वीं शताब्दी में उनके शासनकाल के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर के एक हिस्से को ध्वस्त करके किया गया था.

याचिकाकर्ताओं और स्थानीय पुजारियों ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में पूजा करने की अनुमति मांगी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2019 में याचिकाकर्ताओं द्वारा अनुरोध किए गए एएसआई सर्वेक्षण पर रोक लगाने का आदेश दिया था.

वर्तमान विवाद तब शुरू हुआ जब पांच हिंदू महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के भीतर श्रृंगार गौरी और अन्य मूर्तियों की नियमित पूजा करने की मांग की. पिछले महीने वाराणसी की एक अदालत ने पांच हिंदू महिलाओं द्वारा परिसर की पश्चिमी दीवार के पीछे पूजा करने की याचिका दायर करने के बाद ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियोग्राफी सर्वेक्षण का आदेश दिया था.

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