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गोमती रिवर फ्रंट केस में 8 इंजीनियरों पर FIR, जल्द हो सकता है सीबीआई जांच का ऐलान!

गोमती रिवर फ्रंट निर्माण में गड़बड़ी को लेकर योगी सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इस मामले में 8 इंजीनियरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

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गोमती रिवर फ्रंट केस में 8 इंजीनियर पर FIR
गोमती रिवर फ्रंट केस में 8 इंजीनियर पर FIR

गोमती रिवर फ्रंट निर्माण में गड़बड़ी को लेकर योगी सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इस मामले में 8 इंजीनियरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. सोमवार शाम लखनऊ के गोमतीनगर थाने में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने ही ये शिकायत दर्ज कराई.

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने अपने ही 8 इंजीनियरों के खिलाफ ये शिकायत दर्ज कराई है. इन इंजीनियरों के खिलाफ हुई FIR:

गुलेश चंद
मुख्य अभियंता एसएन शर्मा
तत्कालीन मुख्य अभियंता काज़िम अली
मुख्य अभियंता शिव मंगल यादव
अधीक्षण अभियंता अखिल रमन
अधीक्षण अभियंता कमलेश्वर सिंह
तत्कालीन अधीक्षण अभियंता रूप सिंह यादव
अधिशासी अभियंता सुरेंद्र यादव

लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में अब सीबीआई जांच लगभग तय लग रहा है, हालांकि योगी सरकार ने अभी तक इसे औपचारिक रुप से CBI को नहीं सौंपा है. सोमवार रात 8 अफसरों पर दर्ज हुए FIR के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही इसे CBI को सौंप दिया जाएगा.

रिवरफ्रंट में यह FIR शहरी विकास मंत्री सुरेश खन्ना की जांच समिति की रिपोर्ट के बाद दर्ज कराई गई है. जांच समिति ने यह माना है कि रिवरफ्रंट मामले में घोटाला हुआ है. रिवर फ्रंट का बजट कई गुना बढ़ा कर बनाया गया है. इसमें बेहिसाब पैसे खर्च किए गए और मनमाने ढंग से टेंडर बांटे गए. इस FIR के बाद यह माना जा रहा है कि रिवर फ्रंट घोटाले की जांच भी अब सीबीआई के हवाले होगी.

रिवर फ्रंट में अनियमितताओं की जांच के लिए बनी खन्ना कमेटी की रिपोर्ट के बाद इस मामले से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है. खन्ना कमेटी ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्टेटस रिपोर्ट सौंपी थी. सूत्रों के मुताबिक, सीएम योगी ने मामले की सीबीआई जांच को भी हरी झंडी दे दी है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसका आदेश नहीं किया गया है. अब 8 इंजीनियरों के खिलाफ एफआईआर होने के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी.

रिवर फ्रंट पर सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे के बाद जांच कमेटी बनी थी. इस मामले में अधिकारियों और इंजीनियरों पर बेहिसाब खर्च के आरोप हैं. खन्ना समिति ने माना है कि न सिर्फ रिवर फ्रंट के बजट को जरूरत से ज्यादा बढ़ाया गया, बल्कि 65 फीसदी काम होने के बावजूद 90 फीसदी भुगतान किया जा चुका है. खन्ना कमेटी ने ठेके बांटने को लेकर भी मनमानी के आरोप लगाए हैं. जांच रिपोर्ट में अधिकारियों और इंजीनियरों पर सीधे-सीधे उंगली उठाई गई है. बताया जा रहा है इस रिपोर्ट में दो प्रमुख सचिवों का भी नाम है. बता दें कि गोमती रिवर फ्रंट पूर्व सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट था.

 

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