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हाईकोर्ट में मुख्तार अंसारी की जमानत अर्जी पर डेढ़ घंटे चली बहस, सरकार ने मांगी 2 दिन की मोहलत

Mukhtar Ansari के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं जिनकी सुनवाई जारी है. मुख्तार को इन मामलों में बीच-बीच में कोर्ट में भी पेश किया जाता है. फिलहाल वह इस समय सलाखों के पीछे हैं.

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मुख्तार अंसारी इस समय सलाखों के पीछे है (फाइल फोटो) मुख्तार अंसारी इस समय सलाखों के पीछे है (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जमानत पर अब 16 मई को सुनवाई
  • साल 2021 में दर्ज हुआ था केस

इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज पूर्वांचल के माफिया डान मुख्तार अंसारी की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई. ये मामला विधायक निधि के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है. मुख्तार की जमानत पर अदालत में डेढ़ घंटे बहस चली जिसमें बचाव की पक्ष की ओर से कहा गया कि विधायक निधि देने के बाद उनकी कोई भूमिका नहीं है. वहीं सरकार ने कुछ नए तथ्य पेश करने के लिए 2 दिन की मोहलत मांगी है. इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई 16 मई तक के लिए टाल  दिया. 

दरअसल 24 अप्रैल 2021 को इस मामले में मऊ के सराय लखंसी में थाने में केस दर्ज किया गया था. जिसमें आरोप था कि विधायक निधि से विद्यालय निर्माण के लिए प्रबंधक को 25 लाख रुपए दिया गया. आरोप है कि विद्यालय का निर्माण नहीं कराया गया. इस मामले में विद्यालय के प्रबंधक बैजनाथ यादव व विधायक प्रतिनिधि आनंद यादव भी आरोपी बनाए गए हैं. हालांकि कोर्ट से विद्यालय प्रबंधक बैजनाथ यादव और विधायक प्रतिनिधि.आनंद यादव को जमानत मिल चुकी है. 

बता दें कि मुख्तार अंसारी इस समय पर कई मामले दर्ज हैं और इस समय वह सलाखों के पीछे हैं. योगी सरकार के पहले ही कार्यकाल से वो जेल के अंदर है. लेकिन यूपी में सीएम योगी की दोबारा सत्ता आते ही मुख्तार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. योगी सरकार  निशाने पर मुख्तार के खास सहयोगी और गुर्गे भी हैं. एक ओर जहां मुख्तार की करोड़ों की संपत्ति पर लगातार कार्रवाई हो रही है तो दूसरी उनके गुर्गों की भी प्रॉपर्टी पर प्रशासन लगातार बुलडोजर चला रहा है.

 

 

 

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