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अब तक कोरोना फ्री था यूपी का यह ज‍िला, लॉकडाउन 3.0 में मिला पहला मरीज

एक तरफ जहां पूरा देश कोरोना के कहर से परेशान है. वहीं देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश का एक जिला ऐसा भी है. जहां अभी तक कोरोना का एक भी केस नहीं पाया गया था. लेकिन लॉकडाउन के तीसरे चरण में 10 द‍िन बाद पहला कोरोना पॉज‍िट‍िव केस मिला है.

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चंदौली में नहीं है कोई कोविड-19 पॉजिटिव मरीज (Photo Aajtak)
चंदौली में नहीं है कोई कोविड-19 पॉजिटिव मरीज (Photo Aajtak)

  • चंदौली में अब तक नहीं पहुंच पाया था कोरोना वायरस
  • समय पर कर दिए गए थे इलाके के सभी बॉर्डर सील
  • मुंबई से आए शख्स की र‍िपोर्ट पॉज‍िट‍िव आई

एक तरफ जहां पूरा देश कोरोना के कहर से परेशान है. वहीं देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश का एक जिला ऐसा भी है. जहां अभी तक कोरोना का एक भी केस नहीं पाया गया था. लेकिन लॉकडाउन के तीसरे चरण में 10 द‍िन बाद पहला कोरोना पॉज‍िट‍िव केस मिला है. हम बात कर रहे हैं पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की. इस जनपद में जिला प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से अभी तक कोरोना वायरस के संक्रमण का एक भी केस सामने नहीं आया था. जिले से अब तक कुल 591 सैंपल जांच के लिये भेजे गए थे. जिनकी सभी रिपोर्ट निगेटिव आई थी.लेकिन 13 मई को मुंबई से आए एक शख्स की कोरोना र‍िपोर्ट पॉज‍िटि‍व आई है.

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चंदौली सूबे का एकमात्र अभी तक ग्रीन जनपद था. जहां पर कोरोना का एक भी मरीज नहीं सामने आया. लेकिन दीनदयाल उपाध्याय तहसील अंतर्गत ग्राम मैनुद्दीनपुर में मुम्बई से 11 मई को ऑटो रिक्शा से लौटे व्यक्ति की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव निकली है. यह व्यक्ति 11 मई को ऑटो रिक्शा से मुम्बई से आया था जिसका सैम्पल जांच हेतु भेजा गया था. 13 मई को उसकी रिपोर्ट आई है जिसमें उसे कोरोना पॉज‍िट‍िव बताया गया है.

इस वजह से अभी तक कोरोना फ्री था ज‍िला

चंदौली जिले में अभी तक कोरोना का एक भी केस नहीं पाया गया था. इसके पीछे का कारण जिला प्रशासन की मुस्तैदी थी. दरअसल शुरुआत से ही चंदौली के डीएम नवनीत सिंह चहल ने कुछ इस प्रकार की रणनीति बनाई थी कि कोरोना चंदौली जनपद में दस्तक ना दे सके.

चंदौली के डीएम नवनीत सिंह चहल का कहना है कि एक तरफ वाराणसी है, दूसरी तरफ बिहार का कैमूर जिला लगता है. मिर्जापुर, सोनभद्र और गाजीपुर भी हमारे बॉर्डर हैं. तो इन सभी बॉर्डर को हमने लॉकडाउन की शुरुआत होते ही सील कर दिया था और इन सभी बॉर्डर पर मजिस्ट्रेट की तैनाती, पुलिस ऑफिसर की तैनाती और मेडिकल स्टाफ की तैनाती कर दी थी साथ ही साथ इन सभी बॉर्डर पर डॉक्टर के द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग कराई जा रही थी.

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इसके अलावा उन्होंने बताया कि जनपद के अंदर भी यह सुनिश्चित किया गया कि लोगों को घरों से बाहर ना निकलना पड़े. इसके लिए राशन, फल और सब्जी के साथ-साथ दवाओं की भी होम डिलीवरी की व्यवस्था की गई. इन सभी विक्रेताओं के नंबर 24 घंटे के अंदर एक्टिवेट कर दिए गए और यह नंबर पूरे जनपद में फ्लैश करा दिया गया. होम डिलीवरी के लिए ई-रिक्शा की मदद ली गई.

ल‍ेक‍िन जिला प्रशासन की इन तमाम कवायदों के बावजूद ज‍िले में पहला मरीज आने से प्रशासन की नींद उड़ गई है. कोरोना पॉजिटिव के गाँव मैनुद्दीनपुर को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया है. उसके संपर्क में आये व्यक्तियों की Contact Tracing कर आगामी कार्रवाई की जा रही है. कोरोना के खात्मे को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन का तीसरा दौर चल रहा है और संक्रमितों की तादाद लगातार बढ़ती ही जा रही है.

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