कम्युनिटी रेडियो का लोकार्पण केजीएमयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर मदन लाल ब्रह्म भट्ट ने किया. इस रेडियो सेवा को एफएम 89.6 मेगाहर्ट्ज की फ्रीक्वेंसी पर सुना जा सकेगा. केजीएमयू रेडियो का प्रसारण सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक होगा. प्रसारण के दौरान खासकर स्वास्थ्य संबंधित बीमारियों के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी. कोरोना पर एक्सपर्ट्स अपनी राय रखेंगे.
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भट्ट ने आज तक से बात करते हुए बताया कि अगर कोविड-19 पर हम अपने कम्युनिटी रेडियो सर्विस के जरिए समाज में इस महामारी के बारे में समाज को जागरूक करेंगे. कोविड-19 की जानकारी देने के लिए यह रेडियो एफएम बहुत बड़ा वरदान साबित होगा. इसके जरिए हम समाज में जानकारी दे सकेंगे.
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इस रेडियो पर कोविड-19 की जानकारी के अलावा समाज को अन्य बीमारियों से कैसे बचाया जाए, लोगों को हेल्थ न्यूट्रिशन के तौर पर क्या सजेस्ट किया जाए, पर्सनल हाइजीन, कैंसर से कैसे बचाव हो सकता है, बच्चों-बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए उपाय जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी.
4 से 6 घंटे तक होगा शुरुआती प्रसारण
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि शुरुआती दौर में एफएम का प्रसारण 4 घंटे से 6 घंटे के लिए किया जाएगा. जैसे-जैसे सफलता मिलती जाएगी, वैसे-वैसे प्रसारण को 24 घंटे तक बढ़ाया जाएगा. हमारे पास जो अभी फ्रीक्वेंसी है, इसके माध्यम से हम, अभी सिर्फ 30 किलोमीटर की रेंज तक ही, रेडियो द्वारा प्रसारण करके जानकारी दे सकेंगे.अगर यह सफल रहता है तो इसकी फ्रीक्वेंसी को हम बढ़ाने के बारे में विचार करेंगे.
केजीएमयू द्वारा प्रसारित एफएम पर शहर के बड़े-बड़े विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा. खास बात यह है कि इसमें सिर्फ एलोपैथिक के डॉक्टर ही नहीं भाग लेंगे बल्कि इसमें होम्योपैथिक से लेकर आयुर्वेदिक और योग्य शिक्षक भी आकर भाग ले सकेंगे और अपनी बात समाज में रख सकेंगे.
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रेडियो जॉकी के तौर पर हमारे यहां पैरामेडिकल विभाग की एक अध्यापिका हैं, जो पहले रेडियो जॉकी का काम कर चुकी हैं, उनकी निगरानी में आरजे का काम किया जाएगा.
लॉकडाउन के चलते लॉन्चिंग में हुई देरी
जब कुछ ही दिनों में विज्ञापन के जरिए प्रॉफिट होने लगेगा, तब हम प्रोफेशनल रेडियो जॉकी रखने के बारे में विचार करेंगे. हमारे एफएम रेडियो पर विज्ञापन भी दिया जा सकता है, जिसका शुल्क 4 रुपये प्रति सेकंड होगा. कुलपति ने बताया कि 2 महीने पहले ही रेडियो एफएम द्वारा प्रसारण शुरू हो जाता लेकिन लॉकडाउन के चलते प्रसारण में विलंब हो गया. एक महीने के अंदर अंदर-अंदर अब इसका प्रसारण शुरू हो जाएगा.
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इसकी प्रक्रिया ढाई साल पहले शुरू की गई थी लेकिन अब सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा रेडियो एफएम को 89.6 बैंड फ्रीक्वेंसी अलॉट कर दी गई है, जिसके बाद अब प्रसारण शुरू हो रहा है. वहीं प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह देश के किसी भी चिकित्सा संस्थान द्वारा, प्रसारित किया जाने वाला पहला रेडियो स्टेशन होगा.