कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की गोरखपुर पुलिस द्वारा पिटाई से मौत के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन में आ गए हैं. उन्होंने कहा, पुलिस में ऐसे लोगों की कोई जगह नहीं है, जो गंभीर अपराधों में शामिल हैं. उन्होंने आदेश दिया है कि ऐसे पुलिस अफसरों और कर्मियों को बर्खास्त किया जा रहा है.
सीएम योगी ने कहा, हाल के दिनों में शिकायतें मिली हैं कि पुलिस अधिकारी और कर्मी अवैध गतिविधियों में शामिल रहे हैं. यह स्वीकार्य नहीं है. पुलिस विभाग में ऐसे लोगों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर लिस्ट उपलब्ध कराई जाए. सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही होगी. उन्होंने कहा, अति गंभीर अपराधों में शामिल पुलिस अफसरों और कर्मियों की बर्खास्तगी की जाए.
एडीजी बोले- दोषी कोई भी हो, छोड़ा नहीं जाएगा
उधर, गोरखपुर मामले को तूल पकड़ता देख उत्तर प्रदेश एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने पुलिस का पक्ष रखा. उन्होंने कहा, दोषी कोई भी हो, उसे छोड़ा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा, पोस्टमॉर्टम में पता चला कि सिर में चोट लगने की बात सामने आई है. पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. जांच बिल्कुल निष्पक्ष की जाएगी और जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी.
उन्होंने कहा, गोरखपुर में पुलिस के आदेश के मुताबिक होटल में ठहरने वालों की सामान्य चेकिंग की जाती है. इसी आदेश के तहत पुलिस की टीम जांच के लिए गई थी. लेकिन वहां क्या हुआ कि मौत हो गई, इसकी जांच की जा रही है.
क्या है मामला?
दरअसल, कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की गोरखपुर पुलिस द्वारा पिटाई से मौत का मामला सामने आया है. मनीष गुप्ता की पत्नी का आरोप है कि चेकिंग के दौरान ही पुलिसकर्मियों ने मनीष की पिटाई की थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई. इस मामले में गोरखपुर पुलिस के 6 अफसरों को सस्पेंड किया जा चुका है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मनीष के शरीर पर गहरे चोट के निशान मिले हैं.