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BJP के 'टारगेट' पर यादव-जाटव, माया-अखिलेश का साथ नहीं पड़ेगा भारी!

बीजेपी ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए यूपी के लिए खास रणनीति बनानी शुरु कर दी है. बसपा और सपा के गठबंधन की अटकलों के बीच बीजेपी यादव और जाटव वोटरों पर फोकस कर रही है.

बीजेपी के टारगेट पर यादव-जाटव! बीजेपी के टारगेट पर यादव-जाटव!

बीजेपी ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए यूपी के लिए खास रणनीति बनानी शुरु कर दी है. बसपा और सपा के गठबंधन की अटकलों के बीच बीजेपी यादव और जाटव वोटरों पर फोकस कर रही है. यादव वोटरों की जिम्मेदारी काफी हद तक यूपी के सीएम योगी अदित्यनाथ के कंधों पर होगी. यादवों में योगी की अच्छी पकड़ मानी जाती है. यादववाद विरोधी चुनाव अभियान के बावजूद योगी अपने कई करीबी यादवों को जिताने में कामयाब रहे.

जाटव वोटों के लिए बीजेपी एक स्क्रिप्ट पर काम में जुट गई है. अंबेडकर के बहाने बीजेपी मायावती का वोट बैंक तोड़ने में जुटी है. पार्टी ने इस बार से नए तरीके से अंबेडकर जयंती मनाने का फैसला किया है. अंबेडकर जयंती अब सिर्फ रस्मी तौर पर नहीं होगी बल्कि बीजेपी के कार्यकर्ता इस दिन को मंडल से लेकर बूथ लेवल तक सहभोज का कार्यक्रम करेंगे. जाटव परिवार के साथ सहभोज का ये कार्यक्रम पूरे ढाई साल चलेगा.

इससे पहले आरएसएस 'एक कुआं, एक मंदिर और एक श्मशान' की मुहिम चला चुका है. जिसे नये तरीके से बढ़ाने पर विचार हो रहा है. चर्चा ये भी है कि यूपी बीजेपी को जल्द ही नया अध्यक्ष भी मिलेगा और उम्मीद ये जताई जा रही है कि किसी दलित को इस बार यूपी की कमान सौंपी जाएगी. ये वो दलित चेहरा होगा जो मिशन 2019 का खेवनहार होगा.

पश्चिमी उतर प्रदेश की बड़ी जीत में पर्दे के पीछे अहम भूमिका निभाने वाले नेता और प्रवक्ता चन्द्रमोहन के मुताबिक पार्टी एक नए फॉर्मूले पर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि यादव और जाटव हमारे अहम साझेदार होंगे, क्योंकि हम किसी सूरत में इस तबके को अलग थलग नहीं कर सकते.

संगठन पर फिर रहेगा पूरा जोर
यूपी विधानसभा चुनाव में संगठन के चाणक्य के तौर पर उभरे यूपी प्रभारी सुनील बंसल ने 2019 के लिए अपनी टीम चुनना शुरू कर दी है. सुनील बंसल ने बताया कि कम ही लोग यूपी में बीजेपी की इस ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी वजह पर चर्चा कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि हमारी इस बड़ी जीत बड़ी वजह कार्यकर्ताओं में जगी जीत की भूख है और हम जीत की इस भूख को जगाए रखना चाहते हैं. बंसल कहते है, 'इस बार हमारी जीत की भूख बहुत प्रबल थी तो हम 40 फीसदी वोट ले आए. आगे हमारा टारगेट 50 फीसदी वोट होगा'. बंसल का कहना है कि इटावा, अमेठी, रायबरेली और सुल्तानपुर में बीजेपी को जबरदस्त जीत मिली. लेकिन मैनपुरी और आजमगढ़ का किला हम नहीं भेद सके.

अब माया का महागठबंधन

सुनील बंसल की टीम के 150 लोगो में से कुछ को चुनकर मिशन 2019 के लिए लगा दिया गया है. जबकि ज्यादातर लोगों को अब योगी सरकार की योजनाओं को जनता तक पंहुचाने के लिए जोड़ा जाएगा. हालांकि सुनील बंसल ने यादवों और जाटवों को जोड़ने की अपनी रणनीति का खुलासा नहीं किया.

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