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बिजनौर: कांवड़िये बनकर मजार तोड़ने वाले मुस्लिम युवकों से IB की पूछताछ, निकाली गई वॉट्सऐप चैट हिस्ट्री

बिजनौर में मुस्लिम युवकों द्वारा कांवड़िये बनकर मजार में तोड़फोड़ करने के मामले में आरोपियों कमाल और आदिल से इंटीलिजेंस ब्यूरो (आईबी), उत्तर प्रदेश एटीएस और एसटीएफ भी पूछताछ कर रही है. आरोपियों की वॉट्सऐप हिस्ट्री निकाली गई है.

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मजार तोड़ने वाले दोनों भाईयों से पूछताछ जारी
मजार तोड़ने वाले दोनों भाईयों से पूछताछ जारी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मजार तोड़ने वाले मुस्लिम युवकों से IB ने की पूछताछ
  • मोबाइल हिस्ट्री पर फोकस कर रही है जांच एजेंसियां

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मुस्लिम युवकों द्वारा कांवड़िये बनकर मजार में तोड़फोड़ करने के मामले में आरोपियों कमाल और आदिल से इंटीलिजेंस ब्यूरो (आईबी) भी पूछताछ कर रही है. सोमवार को आईबी की टीम ने दोनों आरोपियों कमाल और आदिल से घंटों पूछताछ की और मोबाइल का डेटा खंगाला.

इसके अलावा उत्तर प्रदेश एटीएस, एसटीएफ की टीम ने भी पूछताछ की और मोबाइल डेटा खंगाला. दोनों आरोपियों की मोबाइल चैट हिस्ट्री खंगाली गई. साथ ही साथ कॉल डिटेल्स को भी खंगाला गया. जांच एजेंसिया आरोपियों के मोबाइल डेटा पर फोकस कर रही हैं. उनके शक है कि इस साजिश के पीछे किसी और का भी हाथ हो सकता है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल हुआ यूं कि आरोपी मोहम्मद कमाल और आरोपी मोहम्मद आदिल दोनों सगे भाई हैं. दोनों भाईयों ने जलालशाह की मजार वहां तोड़फोड़ की, चादरें जलाई. साथ ही भूरेलाल की मजार पर भी तोड़फोड़ की. ऐसा लगता है कि बाकायदा प्लानिंग थी क्योंकि जलालशाह की मजार तोड़ने से पहले और चादरें जलाने से पहले दोनों भाइयों कमाल और आदिल ने भूरेशाह की मजार पर भी तोड़ फोड़ की थी.

वहां भी इन्होंने ऐसे ही मजार पर चढ़ी चादरें जलाई थी, और उससे भी पहले मतलब दिन के उजाले में इन्हीं दोनों भाइयों ने एक और मजार तोड़ी, एक ही थाना क्षेत्र में. खास बात है कि इन लोगों ने भगवा रंग का साफा भी पहना हुआ था. पुलिस मानती है कि दोनों भाइयों ने सबकुछ प्लान से किया. उन्होंने कांवड़ियों की तरह भगवा गमछा सर पर बांधा.

पुलिस का कहना है कि ऐसा दोनों आरोपियों ने इसलिए किया ताकि लोगों को यही लगे कि इन मजारों में तोड़फोड़ किसी कांवड़िए ने की है और मजारों पर चढ़ी चादरें भी किसी कावड़िए ने जलाई है, मगर ऐसा होता उसके पहले ही कमाल और आदिल लोगों के हत्थे चढ़ गए और तुरंत ही लोगों ने पुलिस को खबर कर दी.

जब दोनों भाई पुलिस की गिरफ्त में आ गए, तो इनमें से एक ये बताने की कोशिश करने लगा कि दूसरा भाई मानसिक तौर पर ठीक नहीं है, और उसे रोकने के लिए ही पहला भाई आया था. अब दोनों भाई पुलिस की गिरफ्त में हैं और पुलिस ये जानने की कोशिश कर रही है कि ये कैसी साजिश है? इस साजिश के पीछे कौन है?

बतातें चलें कि चंद रोज पहले लखनऊ के लुलु मॉल में भी ऐसी ही सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश हुई थी, मगर उस कोशिश को भी पुलिस ने नाकाम कर दिया. और अब बिजनौर में भी वही हुआ. अब इंतजार है इन दोनों भाइयों की साजिश के पर्दाफाश का कि इन्होंने ऐसा क्यों किया? किसके कहने पर किया?

 

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