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शिया वक्फ बोर्ड की पहल- विवादित स्थल पर विराजें रामलला, थोड़ी दूर पर बने मस्जिद

रिजवी ने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है. विवादित स्थल पर मंदिर है. मस्जिद नहीं. मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाया गया. इसलिए यह झगड़े का सबब है. मीर बाक़ी ने जबरन मस्जिद बनाई. पुरातत्व विभाह को भी मंदिर के अवशेष मिले हैं.

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बाबरी मस्जिद
बाबरी मस्जिद

बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने वाले शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा है कि अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर बनेगा और मस्जिद उससे थोड़ी दूर हटकर बनानी चाहिए. उन्होंने कहा कि मस्जिद को मस्जिदे अमन कहा जाना चाहिए.

रिजवी ने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है. विवादित स्थल पर मंदिर है. मस्जिद नहीं. मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाया गया. इसलिए यह झगड़े का सबब है. मीर बाक़ी ने जबरन मस्जिद बनाई. पुरातत्व विभाह को भी मंदिर के अवशेष मिले हैं.

उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद का नाम मस्जिदे अमन होना चाहिए और इसे अलग से बनाया जाए. शिया समुदाय नहीं चाहता कि मंदिर को मिलाकर मस्जिद बने. शिया वक्फ बोर्ड यह चाहता है कि मस्जिद अलग बननी चाहिए, जिसका नाम मस्जिदे अमन होना चाहिए.

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कौन हैं मीर बाक़ी

वसीम रिजवी की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज में मीर बाक़ी को बाबर का सेनापति बताया गया है. जोकि शिया मुसलमान थे. रिजवी का कहना है कि मस्जिद बनवाने वाला जिस समुदाय का होता है, मस्जिद उसी समुदाय की मानी जाती है.

रिजवी ने कहा कि मौलवी और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के नायब सद्र कल्बे सादिक साहब भी विवादित जगह को हिंदू समाज को देने की बात कह चुके हैं. शिया वक्फ बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि आपसी समझौते से मस्जिद का निर्माण विवादित स्थल से दूर किसी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में किया जाए.

शिया बोर्ड उस मस्जिद का नाम मुगल बादशाह बाबर या उसके सेनापति मीर बाकी के नाम पर नहीं रखेगा. बोर्ड चाहता है कि इसका नाम मस्जिद ए अमन रखा जाएगा, जिससे देश में अमन का पैगाम फैले.

 

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