विशेष अदालत ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती को बड़ी राहत दी है. अदालत ने तीनों नेताओं को अयोध्या मामले में सुनवाई के लिए रोजाना व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दे दी है.
रायबरेली में निचली अदालत की सुनवाई के दौरान भी तीनों नेताओं को व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दी गई थी. मामले में 34 आरोपी हैं. सीबीआई की विशेष अदालत सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रोजाना सुनवाई कर रही है.
वृद्धावस्था और व्यापक यात्रा का हवाला दिया गया
आडवाणी, जोशी और उमा को व्यक्तिगत रूप से पेश होने की छूट अलग-अलग वजहों से दी गई है. अदालत ने कहा कि आदेश होने पर तीनों को अदालत में आकर पेश होना पड़ेगा. भाजपा नेताओं के वकील ने व्यक्तिगत रूप से पेश होने की छूट दिए जाने के पीछे आडवाणी और जोशी की वृद्धावस्था बताया है. वही केन्द्रीय मंत्री उमा भारती की व्यापक यात्राओं के कारण उन्हें छूट मिली है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही है कार्यवाही
अदालत ने 30 मई को आडवाणी, जोशी और उमा भारती के खिलाफ आपराधिक साजिश का आरोप तय किया था. इन तीन नेताओं के अलावा नौ अन्य के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था. इससे पहले बरी किए जाने की उनकी अर्जी को अदालत ने नामंजूर कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट के 19 अप्रैल के आदेश पर सीबीआई की विशेष अदालत मामले की सुनवाई दैनिक आधार पर कर रही है. ताकि मुकदमे की सुनवाई दो साल के भीतर खत्म की जा सके. बता दें की यह मामला बाबरी ढांचा ढहाए जाने से जुड़ा हुआ है.
अन्य भाजपा नेता भी हैं आरोपी
मामले के अन्य आरोपियों में भाजपा नेता विनय कटियार, साध्वी रितंभरा, विष्णु हरि डालमिया, महंत नृत्य गोपाल दास, महंत धर्मदास, राम विलास वेदांती, चंपत राय बंसल, बैकुंठ लाल शर्मा और शिवसेना नेता सतीश प्रधान शामिल हैं.