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अयोध्या राम मंदिर के निर्माण में नई अड़चन, भरतपुर में गुलाबी पत्थर के खनन पर रोक

राम मंदिर निर्माण के लिए कई वर्षों से बंशी पहाड़पुर से जा रहे गुलाबी पत्थर पर राजस्थान सरकार ने रोक लगा दी है. सोमवार को भरतपुर जिला प्रशासन और पुलिस और वन विभागों की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अयोध्या जा रहे 25 ट्रकों को जब्त कर लिया.

भरतपुर के बंशी पहाड़पुर से गुलाबी पत्थर आते हैं भरतपुर के बंशी पहाड़पुर से गुलाबी पत्थर आते हैं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अयोध्या जा रहे पत्थर से भरे 25 ट्रक जब्त
  • रोक के खिलाफ संत समाज आंदोलन करेगा
  • खनन के लिए किसी को स्वीकृति नहीं मिली है

लंबे कानूनी लड़ाई के बाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हुआ है, लेकिन अब इसमें एक नई अड़चन सामने आई गई है. राजस्थान के भरतपुर के बंशी पहाड़पुर से जो गुलाबी पत्थर अभी तक आ रहे थे, उसके खनन पर रोक लगा दी गई है. ऐसे में निर्माण कार्य की रफ्तार पर असर पड़ सकता है. 

इधर, विश्व हिंदू परिषद के महंत किशनदास ने कहा कि पत्थर की निकासी पर रोक के खिलाफ संत समाज आंदोलन करेगा. मंदिर के लिए जा रहे पत्थर पर रोक नहीं लगानी चाहिए. बंशी पहाड़पुर से निकलने वाले गुलाबी पत्थर की मियाद 5000 वर्षों से ज्यादा बताई जाती है, जो सुंदर और मजबूत होता है. साथ ही पानी पड़ने के साथ इस पत्थर में और ज्यादा निखार आता है. 

25 ट्रकों को जब्त किया गया

राम मंदिर निर्माण के लिए कई वर्षों से बंशी पहाड़पुर से जा रहे गुलाबी पत्थर पर राजस्थान सरकार ने रोक लगा दी है. सोमवार को भरतपुर जिला प्रशासन ने अयोध्या जा रहे 25 ट्रकों को जब्त कर लिया. यहां खनन के लिए सरकार की तरफ से फिलहाल किसी को भी स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है.  

किसी के पास कोई लीज नहीं है

पहाड़ियों में खनन करने के लिए किसी के पास कोई लीज नहीं है. फिर भी अवैध खनन के जरिये पत्थर यहां से निकलता रहा है. अवैध खनन के खिलाफ की गई कार्रवाई में जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर, जिला कलेक्टर नथमल डिडेल और जिला वन अधिकारी मोहित गुप्ता भी मौजूद रहे. इलाके की सभी पहाड़ियों पर निगरानी रखी जा रही है जिससे अवैध खनन को रोककर माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही की जा सके. 

वहीं, खनन लीज के ठेकेदार विजयपाल सिंह ने बताया की मेरी कंपनी को बंशी पहाड़पुर में खनन लीज की स्वीकृति मिल चुकी है लेकिन फिलहाल एनवायरनमेंट क्लीयरेंस पास नहीं मिलने से खनन शुरू करने की स्वीकृति में देरी हो रही है. इसकी शिकायत हमने ने जिला प्रशासन को कई बार की है लेकिन अवैध खनन माफियों के खिलाफ एक्शन नहीं लिया गया. 

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