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क्या राज्‍यसभा चुनाव में 'बुआ' को हुए नुकसान की यूं भरपाई करेंगे 'बबुआ' अखिलेश?

दरअसल, 5 मई को यूपी विधानपरिषद की 12 सीटें खाली हो रही हैं. आंकड़ों के हिसाब से 10 सीटें बीजेपी के खाते में जा रही हैं, जबकि 2 सीटों पर सपा-बसपा मजबूत दिख रहे हैं. ऐसे में अखि‍लेश की ओर से इन दोनों सीटों पर बसपा के उम्‍मीदवारों को भेजने की तैयारी की जा रही है.

मायावती-अख‍िलेश मायावती-अख‍िलेश

राज्यसभा चुनाव में यूपी की 10 सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिली. जहां बीजेपी अपने 9 उम्‍मीदवारों को जिताने में कामयाब रही. वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 1 सीट पर जया बच्‍चन को तो जीत दिला दी, लेकिन बसपा के प्रत्‍याशी भीमराव अंबेडकर को जितवाने में कामयाब नहीं हुए.

हालांकि, अखिलेश इस बात का असर अपने नये नवेले गठबंधन पर नहीं पड़ने देना चाहते, लिहाजा उन्‍होंने 'बुआ' मायावती के नुकसान की भरपाई के लिए प्‍लान-B तैयार किया है.

क्‍या है अखिलेश का प्‍लान-B?

सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव ने बसपा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर को जिताने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन बीजेपी के समीकरण और बीएसपी विधायक की क्रॉस वोटिंग और तमाम वजहों ने मंसूबों पर पानी फेर दिया. अखिलेश किसी भी सूरत में मायावती का साथ नहीं छोड़ना चाहते. इसलिए उन्‍होंने प्‍लान-B तैयार किया है. इसके तहत सपा यूपी विधानपरिषद में बसपा के दो उम्मीदवारों को भेज सकती है.

5 मई को खाली हो रहीं विधानपरिषद की 12 सीटें

दरअसल, 5 मई को यूपी विधानपरिषद की 12 सीटें खाली हो रही हैं. आंकड़ों के हिसाब से 10 सीटें बीजेपी के खाते में जा रही हैं, जबकि 2 सीटों पर सपा-बसपा मजबूत नजर आ रहे हैं. ऐसे में अखि‍लेश की ओर से इन दोनों सीटों पर बसपा के उम्‍मीदवारों को भेजने की तैयारी की जा रही है. ये कदम 2019 के गठबंधन के मद्देनजर उठाया जा रहा है.

अखिलेश देंगे माया को तोहफा

सूत्रों की मानें तो मायावती ने पिछले दिनों कहा था कि सपा राज्यसभा में बसपा को सपोर्ट करेगी और बसपा विधानपरिषद में सपा को सपोर्ट करेगी. लेकिन अब राज्यसभा चुनाव के हार के बाद ये समीकरण बदल चुका है. अब राज्‍यसभा चुनाव में बसपा को हुए नुकसान की भरपाई अखि‍लेश विधानपरिषद की 2 सीटों को देकर कर सकते हैं. ये अखिलेश की ओर से मायावती को तोहफा होगा. ताकि भविष्य में दोनों दलों की दोस्ती और मजबूत हो.

अखिलेश ने विधानपरिषद सदस्‍यों से की मुलाकात

सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव ने आज सपा के उन विधानपरिषद सदस्‍यों से मुलाकात भी की जिनका कार्यकाल खत्‍म होने वाला है. बैठक में अखिलेश ने इस बात का जिक्र किया. दरअसल, अखिलेश किसी भी कीमत पर माया का साथ नहीं छोड़ना चाहते. क्‍योंकि इस गठबंधन ने गोरखपुर और फूलपुर में जो कमाल किया उसी कमाल की उम्‍मीद उन्‍हें 2019 में भी है.

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