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आगरा: 'रेलवे स्टेशन कहीं भी ले जाओ, मंदिर नहीं हटेगा', नोटिस पर भड़के हिंदूवादी संगठन

Raja Ki Mandi: राजा की मंडी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में बने मां चामुंडा देवी मंदिर को विस्थापित करने के लिए प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया. जिसके बाद अब इसके विरोध में हिंदू संगठनों ने कहा है कि जान दे देंगे, लेकिन मंदिर यहां से नहीं हटेगा.

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आगरा में राजा की मंडी रेलवे स्टेशन (फाइल फोटो)
आगरा में राजा की मंडी रेलवे स्टेशन (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रेलवे की नोटिस पर भड़के हिंदूवादी संगठन
  • रेलवे स्टेशन दूसरी जगह बनाने के लिए कहा

उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra) में राजा की मंडी रेलवे स्टेशन (Raja ki mandi railway station) से सटे चामुंडा देवी मंदिर (chamunda devi mandir) को विस्थापित करने का नोटिस रेल प्रशासन द्वारा जारी होने के बाद उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.  मंदिर के महंत और श्रद्धालुओं ने दो टूक शब्दों में कह दिया है मंदिर नहीं हटेगा, स्टेशन कहीं भी ले जाओ.  

वहीं मामले में डीआरएम ने ट्वीट कर साफ कर दिया है कि अब या तो मंदिर रहेगा, या फिर स्टेशन. लेकिन डीआरएम के इस ट्वीट के बाद हिंदूवादी संगठन एकजुट हो गए हैं और आर पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं. राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर चामुंडा देवी मंदिर के महंत और श्रद्धालुओं से बातचीत के दौरान यह तस्वीर भी लगभग साफ हो गई है कि मंदिर प्रबंधन और हिंदूवादी नेता किसी भी सूरत में मंदिर को यहां से शिफ्ट करने के लिए तैयार नहीं हैं. 

आजतक से बातचीत के दौरान हिंदूवादी नेताओं ने साफ कहा कि वह अपनी जान दे देंगे, लेकिन मंदिर को यहां से नहीं हटने देंगे. श्रद्धालुओं ने कहा कि मंदिर का गर्भ गृह स्थापित है. जिसे वह किसी भी सूरत में हटने नहीं देंगे.  मंदिर प्रबंधन ने यह भी कहा कि रेलवे अगर चाहे तो राजा मंडी स्टेशन को बिल्लौचपुरा में शिफ्ट कर सकता है, लेकिन मंदिर को वह किसी भी सूरत में यहां से हटने नहीं देंगे. 

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मंदिर से जुड़ी कई किवदंतियां

राजा मंडी रेलवे स्टेशन से सटा मां चामुंडा देवी मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है. इस मंदिर से जुड़ी कई किवदंतियां हैं. इन्हीं में एक किवदंती है कि यह मंदिर रेलवे लाइन बिछने से पहले का है. बरतानिया हुकूमत ने इस रेलवे लाइन को डाला था. उस दौरान भी मंदिर हटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन अंग्रेज अफसर मंदिर नहीं हटा पाए थे. लिहाजा मुंबई से दिल्ली जाने के लिए रेलवे लाइन को घुमाकर यहां से निकालना पड़ा था. 

नोटिस के बाद बवाल 

मां चामुंडा मंदिर को अतिक्रमण बताकर कमेटी के लिए रेल प्रशासन ने नोटिस चस्पा किया. विस्थापित करने के नोटिस की खबर जैसे ही भक्तों को लगी तो भक्तों की भीड़ मंदिर पर उमड़ पड़ी. भक्तों में काफी रोष देखने को मिला. जिसके बाद भक्तों का कहना है कि जान दे देंगे, लेकिन मंदिर यहां से कहीं नहीं जाएगा. 

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