फोन टैपिंग केस में तेलंगाना की विपक्षी पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री टी हरीश राव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. फोन टैपिंग केस की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी हरीश राव से पूछताछ करेगी. इसके लिए एसआईटी ने पूर्व मंत्री हरीश राव को समन दिया है.
एसआईटी ने पूर्व मंत्री राव को समन देकर 20 जनवरी के दिन 11 बजे पेश होने को कहा है. टी हरीश राव को पूछताछ के लिए हैदराबाद के जुबली हिल्स थाने बुलाया गया था. टी हरीश राव को एसआईटी ने एक निजी टेलीविजन चैनल के प्रबंध निदेशक की ओर से दिए गए बयान के आधार पर समन देकर पूछताछ के लिए बुलाया है.
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निजी टीवी चैनल के प्रबंधन निदेशक ने कथित तौर पर अपने बयान में टी हरीश राव की भूमिका का उल्लेख किया है. टी हरीश राव, बीआरएस की केसीआर की अगुवाई वाली सरकार में मंत्री थे और उनकी गिनती तत्कालीन सरकार के ताकतवर मंत्रियों में होती थी. टीवी चैनल के प्रबंध निदेशक की ओर से नाम लिए जाने के बाद अब एसआईटी टी हरीश राव से भी पूछताछ करेगी.
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गौरतलब है कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब फोन टैपिंग केस में बीआरएस के किसी बड़े नेता को पूछताछ के लिए तलब किया गया हो. इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने बीआरएस के किसी बड़े नेता को अब तक समन नहीं किया था. सूत्रों के मुताबिक, टी हरीश राव को समन देने एसआईटी के अधिकारी उनके घर पहुंचे थे. तब हरीश राव घर पर मौजूद नहीं थे.