हैदराबाद में बारिश के दौरान करंट लगने से लगातार हो रही मौतों ने चिंता बढ़ा दी है, जहां कुछ ही दिनों में अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की जान जा चुकी है. ताजा मामला अलवाल इलाके का है. यहां शुक्रवार सुबह पेड़ की टूटी टहनियां हटाते समय एक बड़ा हादसा हो गया. इस दौरान पिता-पुत्री बिजली के खुले तार की चपेट में आ गए. करंट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. इस हादसे के बाद अब पूरे शहर में बिजली व्यवस्था, खुले तारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
पुलिस के मुताबिक, अलवाल में रहने वाले संदीप अपनी बेटी रीतिका के साथ शुक्रवार तड़के करीब ढाई बजे सड़क साफ कर रहे थे. खराब मौसम की वजह से वहां पेड़ की कुछ टहनियां गिर गई थीं. उसी दौरान वे वहां गिरे हुए बिजली के चालू तार की चपेट में आ गए. करंट इतना जोरदार था कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
कुछ दिन पहले ही डूबी सड़क पर टूटा था तार
इस दर्दनाक हादसे से लोग अभी उबरे भी नहीं थे कि पुराने शहर की पुरानी घटना ने जख्मों को फिर हरा कर दिया. महज कुछ दिन पहले ही बंदलागुड़ा इलाके में भारी बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ था. वहां पानी से भरी सड़क पर अचानक बिजली का एक चालू तार टूट कर गिर गया. उस हादसे में भी एक छात्र, एक ऑटो ड्राइवर की करंट लगने से मौत हो गई थी.

इन दोनों घटनाओं ने मानसून को लेकर बिजली विभाग की पोल खोल कर रख दी है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल चेतावनी देने के बाद भी कोई सुधार नहीं होता. सड़कों पर लटकते खुले तार, पेड़ों की अनछंटी डालियां हर वक्त जानलेवा साबित हो रही हैं.
शहर में कुछ ही दिनों के भीतर चार जिंदगियां खत्म होने के बाद अब लोग बिजली विभाग से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं. नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते बिजली के ढीले तारों को कस दिया जाता और ट्रांसफार्मर की मरम्मत हो जाती, तो इन मासूमों की जान बचाई जा सकती थी.
हैदराबाद के लोगों के लिए ये हादसे अब नए नहीं रहे. पिछले कई सालों से मानसूनी बारिश के दौरान करंट लगने की खबरें लगातार सामने आती रही हैं.