तेलंगाना की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे भगीरथ के खिलाफ एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. हालांकि, भगीरथ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे जबरन वसूली और ब्लैकमेलिंग का मामला बताया है.
कुमार ने कहा कि यह मामला एक राजनीतिक साजिश है, जिसका मकसद 10 मई को हैदराबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा से पहले उनकी छवि खराब करना है. वहीं, विपक्षी पार्टी BRS ने इन आरोपों को लेकर उन पर निशाना साधा है.
दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे
17 साल की लड़की की मां के अनुसार, कुमार के बेटे भगीरथ का उनकी बेटी के साथ प्रेम-संबंध था और उसने उनकी बेटी का यौन उत्पीड़न किया.
पुलिस ने बताया कि यह प्रेम-संबंध करीब 7-8 महीने पहले शुरू हुआ था. पुलिस ने अभी तक उस लड़की से पूछताछ नहीं की है, जो कि एक छात्रा है.
इस बीच, भगीरथ ने करीमनगर में पुलिस से शिकायत की है कि जिस लड़की से उसकी जान-पहचान हुई थी, उसने उसे अपने पारिवारिक कार्यक्रमों और दोस्तों की पार्टियों में बुलाया था. इस शिकायत के आधार पर एक FIR दर्ज की गई है.
भगीरथ ने अपनी शिकायत में कहा है कि लड़की के परिवार को भरोसेमंद मानकर वह दोस्तों के एक ग्रुप के साथ उनके साथ गया और कुछ धार्मिक स्थलों के दर्शन किए.
इसके बाद लड़की और उसके माता-पिता ने उस पर शादी करने का दबाव बनाया और उसे धमकाया. जब उसने शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया, तो लड़की के माता-पिता ने उससे पैसों की मांग की और धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए, तो वे उसके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करवा देंगे.
डर के मारे उसने लड़की के पिता को 50,000 रुपये दे दिए, लेकिन उन्होंने उससे 5 करोड़ रुपये की मांग की. भगीरथ ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्होंने धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए, तो लड़की की मां आत्महत्या कर लेगी.
केंद्रीय मंत्री संजय का पलटवार- यह एक राजनीतिक साजिश
'X' पर किए गए एक पोस्ट में संजय कुमार ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में हमेशा कानून का सम्मान किया है और संविधान का पालन किया है. उन्होंने कहा कि उनका जीवन बेदाग रहा है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है.
उन्होंने कहा कि बच्चों और परिवार के सदस्यों को राजनीतिक लड़ाइयों में घसीटना केवल उन लोगों की हताशा को दर्शाता है, जिनमें उनसे राजनीतिक रूप से लड़ने का साहस नहीं है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ ताकतें एक ऐसे OBC (पिछड़ा वर्ग) नेता के उभार को पचा नहीं पा रही हैं, जो जमीनी स्तर से ऊपर उठा, एक पार्षद के रूप में काम किया और कड़ी मेहनत तथा जनता के समर्थन से धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए केंद्रीय मंत्री बन गया.
संजय कुमार ने कहा, "यह साफ है कि यह एक राजनीतिक साज़िश है, जिसका मकसद कल माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा से ठीक पहले मुझे निजी तौर पर बदनाम करना है .मुझे पूरा भरोसा है कि न्यायपालिका तय करेगी कि क्या सही है और क्या गलत."
केंद्रीय मंत्री ने कहा, वक्त हर आरोप का जवाब देगा और हर साजिश का पर्दाफाश करेगा."
विपक्ष का तीखा हमला
इस बीच, BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने केंद्रीय मंत्री के बेटे के खिलाफ POCSO मामले को "जिस तरह से हैंडल किया गया, उसकी निंदा की."
'कहां है बेटी बचाओ अभियान?'
राव ने एक बयान में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, क्या आपका 'बेटी बचाओ' अभियान सिर्फ एक नारा बनकर रह गया है?" उन्होंने पूछा कि "केंद्रीय मंत्री बंदी संजय को उनके पद से कब हटाया जाएगा?"
BRS नेता ने पूछा, "उन्नाव मामले में राहुल गांधी पीड़ित के साथ खड़े हुए थे.क्या अब वह हैदराबाद आकर इस पीड़ित के साथ भी खड़े होंगे? या फिर आपका न्याय का पैमाना तेलंगाना के पीड़ितों पर लागू नहीं होता?"