scorecardresearch
 

क्या आपको पता है आपके पास 50 लाख की बीमा पॉलिसी है? जानें अपने इस अधिकार के बारे में सबकुछ

बहुत कम लोगों को जानकारी है कि उनके पास एक बीमा पॉलिसी है, वो भी कुल 50 लाख की. दरअसल आम लोगों को अपने घर में रसोई गैस लाने के साथ ही एक इंश्योरेंस कवर मिलता है. कमाल की बात तो यह है कि इसके लिए आपको एक भी प्रीमियम नहीं देना होता है.

Advertisement
X
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

क्या आपको पता है आपके पास एक बीमा पॉलिसी है? वो भी कुल 50 लाख की. जी हां, बहुत ही कम लोग जानते हैं कि अपने घर में रसोई गैस लाने के साथ ही उन्हें एक इंश्योरेंस कवर मिलता है. कमाल की बात तो यह है कि इसके लिए आपको एक भी प्रीमियम नहीं देना होता है.

गैस कनैक्शन लेते ही हो जाते हैं पॅालिसी के लिए इंश्योर्ड

दरअसल, घरों में प्रयोग होने वाली LPG गैस के चलते दुर्घटनाओं के मद्देनजर ये कवर सभी एलपीजी उपभोक्ताओं को दिया जाता है. एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) दशकों से भारतीय घरों में प्रयोग होती रही है. इसमें सरकारी सब्सिडी का बहुत बड़ा योगदान है. हालांकि, कई बार जरा-सी चूक के चलते ये बड़ी विनाशकारी साबित होती है. ऐसे ही किसी हादसे की स्थिति में बीमा का लाभार्थी इसपर दावा कर सकता है. सभी रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को पंजीकृत आवास पर गैस सिलेंडर के कारण दुर्घटना की सूरत में बीमा कवर की सुविधा दी जाती है. आप जैसे ही गैस का कनेक्शन लेते हैं, उसके साथ ही आप इस पॅालिसी के लिए इंश्योर्ड हो जाते हैं.

न्यूज वेबसाइट goodreturns.in के अनुसार इन एलपीजी सिलिंडरों के फटने या लीक होने पर होने वाली मौतों और नुकसान के प्रति ग्राहकों को कवर करने के लिए, तेल मार्केटिंग कंपनियां और एलपीजी सिलेंडर डिस्ट्रिब्यूटर्स ने थर्ड पार्टी बीमा का विकल्प चुना है. इसके अलावा, पीएसयू ऑयल मार्केटिंग कंपनिया (एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल) भी 'पब्लिक लॉयबिलिटी पॉलिसी फॉर ऑल इंडस्ट्रीज' को चुनती हैं.

Advertisement

नहीं देना होता कोई प्रीमियम

चूंकि इन पॉलिसियों को व्यक्तिगत एलपीजी ग्राहकों के नाम पर नहीं लिया जाता है, इसलिए उपभोक्ताओं को इस बीमा पॉलिसी के लिए प्रीमियम का भुगतान करने की आवश्यकता भी नहीं होती है. सभी ग्राहक जरूरत पड़ने पर इसपर दावा करने के लिए अपनी स्थानीय गैस एजेंसी/डिस्ट्रिब्यूटर से संपर्क कर सकते हैं.

आम जन को कौन करता है हादसे की भरपाई?

देश में गैस सिलेंडर फटने के चलते आग और धमाके जैसी दुर्घटनाएं आम हैं. इसी को कवर करते हुए सरकार से एलपीजी सिलेंडर पर 40 से 50 लाख रुपये का दुर्घटना कवर मिलता है. इसमें एलपीजी सिलेंडर से गैस लीकेज या ब्लास्ट जैसे हादसे होने की स्थिति में आर्थिक मदद की जाती है. इस बीमा के लिए पेट्रोलियम कंपनियों की बीमा कंपनियों के साथ साझेदारी रहती है. हादसे की जानकारी मिलने पर आपका डिस्ट्रीब्यूटर ऑयल कंपनी और इंश्योरेंस कंपनी को इस बारे में बताता है. सिलेंडर के कारण एक्सीडेंट होने पर मिलने वाले इंश्योरेंस का पूरा खर्चा इंडियन ऑयल, एचपीसीएल, बीपीसीएल जैसी तेल कंपनियां ही करती हैं.

हादसा होने पर कैसे करें बीमा के लिए दावा?

हादसा होने पर पीड़ित को ड्रिस्ट्रीब्यूटर और नजदीकी पुलिस स्टेशन को जल्द से जल्द सूचना देनी होती है. क्लेम के लिए पुलिस स्टेशन में रजिस्टर्ड FIR की कॉपी के साथ मेडिकल की रसीद, हॉस्पिटल का बिल, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मृत्‍यु होने की स्थिति में डेथ सर्टिफिकेट आदि पेश करना होगा. यहां उपभोक्ता को आर्थिक मदद के लिए बीमा कंपनी में सीधे क्लेम के लिए आवदेन करने या उससे संपर्क करने की जरूरत नहीं होती. ऑयल कंपनी ही आपका क्‍लेम फाइल करके उसे मुआवजा देती है.

Advertisement

बीमा राशि और दावे की पूरी प्रक्रिया mylpg.in के इस लिंक पर देखी जा सकती है. क्लिक करें

अगर हादसे में ग्राहक की प्रॉपर्टी/घर को नुकसान पहुंचता है, तो उसके लिए 2 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस क्लेम मिलता है. सिलेंडर जिसके नाम पर है सिर्फ उसी को इंश्योरेंस की राशि मिलती है. आप किसी को भी इस पॉलिसी में नॉमिनी नहीं बना सकते. क्लेम का फायदा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलता है जिनके सिलेंडर का पाइप, चूल्हा और रेगुलेटर आईएसआई (ISI) मार्क का होता है. इसके अलावा सिलेंडर लेते वक्त एक्सपायरी डेट को जरूर देखें. वह इंश्योरेंस से लिंक होता है.

 

Advertisement
Advertisement