पदोन्नति में आरक्षण विधेयक के राज्यसभा में विरोध के दौरान अपने सदस्यों पर कड़ी कार्रवाई किये जाने के बावजूद समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया कि संप्रग सरकार को उसका समर्थन जारी रहेगा.
सपा नेता राम गोपाल यादव ने संसद भवन परिसर में कहा, ‘राज्यसभा में गुरुवार की घटना और सरकार को समर्थन जारी रखने में कोई लेना देना नहीं है.’
गौरतलब है कि सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति और जनजाति के कर्मचारियों को प्रोन्नति में आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयक के विरोध में सपा के सदस्यों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया.
इससे पहले भारी हंगामे के बीच सपा के दो सदस्यों को सदन से बाहर जाने का आदेश दिया गया था तथा नाटकीय घटनाक्रम में बैठक को तीन बार स्थगित करना पड़ा.
गुरुवार का दिन को संसदीय लोकतंत्र का ‘काला दिन’ करार देते हुए यादव ने कहा कि उनकी पार्टी पहले दिन से इस विधेयक का विरोध कर रही है लेकिन इसे अंजाम तक नहीं पहुंचा सकी क्योंकि उच्च सदन में अन्य दल आपस में मिल गए थे.
सपा नेता ने कहा, ‘यह विधेयक असंवैधानिक है. लेकिन सरकार इसे पारित करने को आमदा है. यह लोगों के हित में नहीं है. विभिन्न दलों ने इसे पारित कराने का निर्णय किया है. हम इसका शुरू से ही विरोध कर रहे है और हमारे सदस्यों को एक-एक करके बाहर जाने का आदेश दिया गया.’
यादव ने संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ की टिप्पणी पर भी गहरी आपत्ति व्यक्त की जिसमें उन्होंने कहा कि शोर-शराबा करने वाले सभी सपा सदस्यों को बाहर जाना चाहिए.