500-1000 की नोटबंदी के बाद से पिछले सात दिनों से पैसे निकालने के लिए एटीएम के बाहर लगी लंबी कतारों के बीच संसद का शीतकालीन सत्र बुधवार (16 नवंबर) से शुरू हो रहा है. नोटबंदी मामले को लेकर संसद में हंगामे की संभावना जताई जा रही है. विपक्ष एकजुट होकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाने में जुटा है.
मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने सरकार द्वारा बुलाई गई से पहले अपनी बैठक की. सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में संपन्न बैठक के दौरान शीर्ष नेताओं की राय थी कि विमुद्रीकरण के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में सवाल उठाया जाएगा.
शीतकालीन सत्र के दौरान जीएसटी से जुड़े तीन विधेयकों और किराये की कोख (सरोगोसी) के नियमन संबंधी विधेयक समेत नौ नए विधेयक पेश किए जाएंगे. वहीं के मुद्दे पर संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरने की संयुक्त रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और माकपा सहित अन्य विपक्षी पार्टियों ने सोमवार को बैठक की. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का फैसला पूर्व निर्धारित घोटाला है, जिसे पहले ही सत्तारूढ़ बीजेपी को लीक कर दिया गया था.
संसद में सरकार को घेरने के दांव-पेंच पर चर्चा करने के लिए सोमवार को में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद के संसद भवन स्थित कमरे में बैठक हुई. इसमें तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), भाकपा, माकपा, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और वाईएसआर कांग्रेस के नेता शामिल हुए. नेताओं ने एक साझा रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को फिर से बैठक की. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने बताया कि इन पांच मुद्दों पर केंद्र को घेरेगा विपक्ष-
1. वन रैंक वन पेंशन
2. नोटबंदी
3. कश्मीर मुद्दा/पाकिस्तान
4. किसान
5. सर्जिकल स्ट्राइक
सुप्रीम कोर्ट ने किया दखल देने से इनकार
उधर 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई. अदालत ने याचिकाकर्ता की अपील पर कहा कि वो इस मामले में दखल नहीं देगी. हालांकि लोगों की असुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्र से उपायों के बारे में हलफनामा दायर करने के आदेश दिए गए हैं. अदालत ने सरकार से पूछा कि लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए क्या उपाय किए हैं. इस मामले में अगली सुनवाई अब 25 नवंबर को होगी.
विपक्ष की मांग- सिर्फ नोटबंदी पर हो चर्चा
काग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और जेडीयू ने नोटिस देकर में सभी लंबित मुद्दों को स्थगित कर केवल बिना तैयारी लाई गई नोटबंदी पर चर्चा की मांग की है. वहीं कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने ये भी कहा है कि देश में कोई ऐसा शख्स नहीं जो नोटबंदी से परेशान ना हो. उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष सरकार के इस बिना तैयारी के लिए फैसले पर मिलकर सवाल उठाएगा.
We are not for roll back of demonetisation but are against the economic chaos inflicted by this hasty & unprepared move:
— INC India (@INCIndia)
Opposition will be united, come what may, and will raise issues together:
— INC India (@INCIndia)