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सलमान खुर्शीद ने ऑस्ट्रेलिया में कहा, पाकिस्तान को देंगे संदेह का लाभ

विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि भारत पाकिस्तान को संदेह का लाभ देगा, क्योंकि नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम के बार-बार उल्लंघनों के बीच दोनों पड़ोसी देश शांति की बहाली चाहते हैं, लेकिन ऐसा भारत की कीमत पर नहीं किया जा सकता.

सलमान खुर्शीद सलमान खुर्शीद

विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि भारत पाकिस्तान को संदेह का लाभ देगा, क्योंकि नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम के बार-बार उल्लंघनों के बीच दोनों पड़ोसी देश शांति की बहाली चाहते हैं, लेकिन ऐसा भारत की कीमत पर नहीं किया जा सकता.

खुर्शीद ने कहा, 'अगर आप जमीनी हकीकत देखें और अगर आप हमारी बैठकों के नतीजे देखें, तो ये बहुत निराशाजनक हैं. खासकर हाल के समय में हुई बैठकें अगर प्रतिकूल नहीं तो कुछ हद तक निराशाजनक रही हैं.'

द ऑस्ट्रेलियन अखबार को दिए साक्षात्कार में खुर्शीद ने कहा, 'मुझे लगता है कि वहां (पाकिस्तान में) नई सरकार के पास निबटने के लिए बहुत मुश्किल स्थिति है. हमारा नजरिया यह है कि हमें उन्हें समय और संदेह का लाभ देना चाहिए, लेकिन हमारी कीमत पर नहीं.'

उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान भारत को निशाना बनाने वाले आतंकवाद के ढांचे को ध्वस्त करने के मुद्दे पर गौर करे और मुंबई में जो कुछ हुआ, उसके लिए कानूनी कार्यवाही के जरिये कुछ जवाबदेही दिखाए तो भारत यह कह पाएगा कि द्विपक्षीय रिश्तों में आगे बढ़ने के पाकिस्तान के इरादे के पर्याप्त सबूत हैं.

पाकिस्तान ने पूरा नहीं किया वादा
खुर्शीद ने कहा कि पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर तनाव के मुद्दे के समाधान के लिए आयोजित टॉप लेवल सैन्य बैठक के अपने वादे को पूरा नहीं किया. उन्होंने कहा कि सैन्य अभियान के महानिदेशकों के बीच उचित बैठक नहीं हुई, जिसके बारे में हम न्यूयार्क में (प्रधानमंत्रियों के बीच) बैठक में सहमत हुए थे कि यह जल्द ही होगी. विचार यह था कि दोनों सेनाओं के बीच बात हो, उनके बीच बेहतर समझ होगी कि ये उल्लंघन क्यों हो रहे हैं और इनसे होने वाली क्षति को रोकने और अगर संभव हो तो इन्हें भविष्य से पूरी तरह से खत्म करने के लिए क्या किया जाना चाहिए.

जल्द शांति होने की संभावना
डीजीएमओ की बैठक अब तक नहीं हुई और खुर्शीद ने कहा कि उन्हें आशा है कि यह निकट भविष्य में आयोजित होगी, ताकि नियंत्रण रेखा पर शांति और अमन चैन स्थापित करने के लिए सर्वश्रेष्ठ तरीका निकाला जा सके.

खुर्शीद ने कहा, 'जब नवाज शरीफ कहते हैं कि वे भारत के साथ शांतिपूर्ण और अच्छे संबंध चाहते हैं तो हम उनका यह वादा स्वीकार करते हैं.' लेकिन खुर्शीद ने कहा कि वह उनके (शरीफ के) शब्दों के साथ हाल के समय में नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम के बार-बार उल्लंघनों का सामंजस्य नहीं बिठा सकते.

खुर्शीद ने कहा, हम समय-समय पर पाकिस्तान से बात करते रहते हैं और निजी भाव-भंगिमाओं में हमें काफी गर्मजोशी दिखाई पड़ती है. लेकिन अगर आप जमीनी हकीकत देखें और आप हमारी बैठकों को नतीजे देखें, ये बहुत निराशाजनक हैं.

खुर्शीद ने कहा कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी, खासकर लश्कर ए तैयबा के उत्तराधिकारी लगातार हमले कर रहे हैं और कश्मीर तथा अन्य भागों में भारतीय नागरिकों की हत्या कर रहे हैं. इस साल जनवरी में सीमापार से शुरू हुई गोलीबारी अगस्त में उस समय तेज हो गई, जब पाकिस्तानी बलों ने जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर एक हमले में भारत के पांच सैनिकों की हत्या कर दी.

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