कोलकाता के एक मध्यवर्गीय परिवार में जन्मे रजत गुप्ता बेहद प्रतिस्पर्धी कारपोरेट अमेरिका की दुनिया में ऊंचाई पर पहुंचे. भारतीय अमेरिकी रजत गुप्ता की कहानी पौराणिक कथा से कम नहीं है.
गुप्ता सलाहकार फर्म मैकिंजी के मुखिया से लेकर गोल्डमैन साक्स और प्राक्टर एंड गैंबल जैसी कंपनियों के बोर्ड के सदस्य रहे. वह संयुक्त राष्ट्र के विशेष सलाहकार भी रहे. यानी 63 साल की उम्र में उन्होंने इतना कुछ किया, जो शायद बहुत कम लोग कर पाएंगे.
अमेरिका की एक अदालत ने गुप्ता को गैलियन हेज फंड के संस्थापक और अपने दोस्त राज राजारत्नम को भेदिया सूचनाएं देने का दोषी पाया है. यह अमेरिका के सबसे बड़े भेदिया कारोबार मामलों में से है.
गुप्ता का जन्म कोलकाता के माणिकतला में हुआ था. उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी थे, जो बाद में पत्रकार बने. उनकी माता स्कूल शिक्षक थीं. गुप्ता 18 बरस की आयु में ही अनाथ हो गए थे.
आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में 1966 में गुप्ता ने 15वां स्थान पाया था. गुप्ता को आईआईटी दिल्ली में प्रवेश मिला. उसके बाद वह स्नातक डिग्री के लिए अमेरिका आए और प्रतिष्ठित हार्वर्ड स्कूल में अपनी कक्षा में प्रथम आए. वहां वह छात्रवृत्ति पाकर पढ़े.
वह अमेरिकन एयरलाइंस की मूल कंपनी एएमआर कारपोरेशन के निदेशक भी रहे.
गुप्ता को तत्कालीन संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान का प्रबंधन सुधारों पर विशेष सलाहकार भी नियुक्त किया गया था. भेदिया कारोबार मामले में उन्हें 18 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी.