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पुडुचेरी में कांग्रेस सरकार और LG किरण बेदी के बीच सोशल मीडिया को लेकर टकराव

पुडुचेरी की सत्तारूढ़ कांग्रेस और उपराज्यपाल किरण बेदी के बीच मतभेद अब खुल कर सामने आ गए. उपराज्यपाल बेदी ने मुख्मंयत्री वी नारायणसामी के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें सरकारी अफसरों को आधिकारिक कार्यों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग से बचने को कहा गया था.

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पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने मुख्यमंत्री का आदेश रद्द किया
पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने मुख्यमंत्री का आदेश रद्द किया

पुडुचेरी की सत्तारूढ़ कांग्रेस और उपराज्यपाल किरण बेदी के बीच मतभेद अब खुल कर सामने आ गए. उपराज्यपाल बेदी ने मुख्मंयत्री वी नारायणसामी के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें सरकारी अफसरों को आधिकारिक कार्यों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग से बचने को कहा गया था.

इससे पहले सीएम नारायणसामी ने एक सर्कुलर जारी कर अधिकारियों को सरकारी कामों में फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सऐप जैसे माध्यमों के उपयोग से बचने को कहा गया था. इस आदेश के पीछे तर्क दिया गया था कि इस कंपनियों के सर्वर विदेशों में लगे हैं और ऐसे में सरकारी दस्तावेज़ों को वहां से डाउनलोड कर उसके साथ छेड़छाड़ की जा सकती है.

मुख्यमंत्री ने इस सर्कुलर में सरकारी अफसरों से साथ ही कहा कि आधिकारिक संवाद के लिए कोई ग्रुप नहीं बनाना चाहिए और न ही ऐसे सोशल मीडिया पर किसी ग्रुप के लिए अधिकारियों को सदस्य बनना चाहिए. इसमें कहा गया कि इस आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

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अधिकारी ने वाट्सएप ग्रुप में भेजा अश्लील वीडियो
सीएम ने यह आदेश तब जारी किया था, जब किरण बेदी ने सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार एएस शिवकुमार को अधिकारियों के व्हाट्सऐप ग्रुप पर एक अश्लील वीडियो क्लिप कथित तौर पर पोस्ट करने के बाद निलंबित कर दिया था.

एक ओर उपराज्यपाल किरण बेदी जहां सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर जोर देती रही हैं, वहीं मुख्यमंत्री के इस फरमान से टकराव से स्थिति बनती दिखी. आखिरकार उपराज्यपाल ने 2 जनवरी को जारी सरकार के इस आदेश को निरस्त कर दिया.

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