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VIRAL TEST: जानिए सड़क पर दौड़ती ट्रेन का सच !

सोशल मीडिया पर सड़क पर दौड़ती एक ट्रेन का वीडियो वायरल हो रहा है. कहां का है ये वीडियो, कहां की है ये ट्रेन, हमने इसका वायरल टेस्ट किया.

सड़क पर दौड़ती ट्रेन(फोटो- फेसबुक) सड़क पर दौड़ती ट्रेन(फोटो- फेसबुक)

सड़क पर बनी रेलवे क्रासिंग तो आपने बहुत देखी होगी. जिस सड़क से होकर रेल पटरी गुजरती है, वहां बैरियर लगा दिया जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सड़क पर, ट्रैफिक के बीच भागती ट्रेन देखी है. जी हां, सोशल मीडिया पर इस अजूबी ट्रेन का वीडियो तहलका मचा रहा है.

क्या कभी आपने सड़क पर ट्रेन चलते देखी है? सड़क पर ट्रैफिक के बीच दौड़ती ट्रेन देखी है? स्कूटर, मोटरसाइकिल, कारों के बीच चलती ट्रेन देखी है? वीडियो को 2 महीने में अब तक 22 मिलियन यानि  2 करोड़ 20 लाख लोग देख चुके है. कहां का है ये वीडियो, कहां की है ये ट्रेन, हमने इसका वायरल टेस्ट किया.

ये तस्वीरें वाकई हमारे लिए भी चौंकाने वाली हैं. ग़ौर करने वाली बात तो ये भी है कि सड़क पर चलती इस ट्रेन के अगल-बगल से खूब लोग गुज़र रहे हैं. और अचानक वही हो जाता है, जिसका डर था. ट्रेन की टक्कर ड़क पर जाती हुई पुलिस वैन से हो जाती है. टक्कर लगते ही 2 पुलिसवाले वैन से बाहर निकलते हैं, और देखते हैं कि क्या हुआ है.

आप भी देख लीजिए कैसे पुलिस वैन और ट्रेन आपस में रगड़े हुए हैं. इसके बाद ट्रेन को बैक किया जाता है और पुलिस वैन को निकाला जाता है. ये तो ग़नीमत रही कि वक्त पर ट्रेन के ड्राइवर ने ब्रैक लगा दिया वरना बड़ा हादसा हो सकता था. लेकिन हमारे लिए सबसे बड़ा सवाल ये था कि 8 डिब्बों वाली पैसंजर ट्रेन बीच रोड पर कैसे चल सकती है.

आपको बता दें कि ये ट्रेन सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. हम भी जानना चाहते थे कि क्या वाकई भारत में कोई ट्रेन सड़क पर भी चल

सकती है. हमने ट्रेन के वीडियो को बेहद ग़ौर से देखा. ट्रेन के इंजन पर ग्वालियर और भारतीय रेल लिखा था, तो सबसे पहले हमने मध्य प्रदेश के ग्वालियर का रुख किया. हमारी पड़ताल में ये पता चल गया कि ग्वालियर की सड़कों पर एक ऐसी ट्रेन चलती है.

आपको बता दें कि वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे की 610 एमएम नेरोगेज लाइन पर ग्वालियर से श्योपुर कलां तक एक 52171 नंबर पैसंजर ट्रैन चलती है, जो ग्वालियर से सुबह 06:30 बजे खुलती है और लगभग 11 घंटे में शाम के वक्त 05:30 बजे श्योपुर कलां तक पहुंचती है. ये नेरोगेज लाइन ग्वालियर शहर के बीचों-बीच बिछी हुई है, जिसपर ट्रेन रोज़ाना कार, मोटरसाइकिलों, टैंपो के साथ-साथ सड़क पर चलती है.  

इस नेरोगेज ट्रेन की शुरुआत 1909 में ग्वालियर के महाराजा माधव राव सिंधिया ने की थी. नेरोगेज ट्रेन की स्पीड कम होती है. लिहाज़ा कई बार ट्रेन रास्ते में अटक भी जाती है. कुछ साल पहले रिपोर्ट आई थी कि ट्रेन को लोगों ने धक्के मार मारकर आगे बढ़ाया. वैसे इस ट्रेन पर सवाल सुरक्षा को लेकर भी उठ रहे हैं क्योंकि इसमें यात्री ठसाठस भरे रहते हैं और ट्रेन बीच सड़क पर चलती है. तो इस तरह से सड़क पर ट्रेन चलने की ख़बर वायरल टेस्ट में पास हुई. (देखें ये वीडियो )

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