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वाराणसी ब्लास्ट केसः थॉमस नाम का व्यक्ति पकड़ा गया

वाराणसी में दो दिन पहले शीतला घाट पर हुए धमाके के सिलसिले में पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है. थॉमस नाम के इस शख़्स को लैपटॉप के साथ पकड़ा गया. थॉमस के बारे में कहा जा रहा है कि वो ठीक से हिंदी नहीं बोल पाता.

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वाराणसी में दो दिन पहले शीतला घाट पर हुए धमाके के सिलसिले में पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है. थॉमस नाम के इस शख़्स को लैपटॉप के साथ पकड़ा गया. थॉमस के बारे में कहा जा रहा है कि वो ठीक से हिंदी नहीं बोल पाता.

इस बीच एजेंसियों का दावा है कि अभी मौके से ऐसे ठोस सुराग नहीं मिले हैं जो गुनहगारों का पता दे सकें. गौरतलब है कि इंडियन मुजाहिदीन के कमांडर डॉक्टर शाहनवाज ने वाराणसी में रची सीरियल ब्लास्ट की साज़िश थी.

वाराणसी के घाट पर जो धमाका हुआ, वो साजिश पांच साल पहले से रची जा रही थी. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इंडियन मुजाहिदीन के कमांडर डॉक्टर शाहनवाज ने वाराणसी में सीरियल ब्लास्ट की साज़िश रची. यह वही आदमी है जिसने 2005 में वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर विस्फोटक लगाया था.

आजमगढ़ में पैदा हुआ यह शख्स लखनऊ के मायो अस्पताल में बतौर डॉक्टर नौकरी करता था. मरीजों का इलाज करनेवाला यह शहनवाज खुद मानसिक तौर पर बीमार था.

खुफिया जानकारी बताती है कि शहनवाज आलम दुबई में बैठकर अपने सारे नापाक मंसूबों को अंजाम देता है. सूत्रों ने जो हमें बताया है उसके मुताबिक शहनवाज आलम सबसे पहले आतिफ अमीन से जुड़ा था. इंडियन मुजाहिद्दीन ने इसे लोग जुटाने का काम सौंपा था. {mospagebreak}

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साल 2003 में शहनवाज ने बाकायदा हथियार और विस्फोटक के लिए आतंकी ट्रेनिंग ली. इसी शहनवाज ने 2005 में वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर आईईडी लगाया था. मुंबई के लोकल ट्रेन और फिर दिल्ली के धमाकों के लिए अलग-अलग जगहों पर शहनवाज ने ही विस्फोटक लगाए थे. कहा तो ये भी जा रहा है कि दिसंबर 2009 में शहनवाज कराची गया और आईएसआई से इसने ट्रेनिंग भी ली.

आजतक को हाथ लगी जानकारी के मुताबिक, इंडियन मुजाहिद्दीन के एक मॉड्यूल को वाराणसी के उन इलाकों में हमले का जिम्मा सौंपा गया था, जिन इलाकों में मराठी लोग बहुतायत में रहते हैं. इस खुफिया जानकारी के वाराणसी के कई इलाकों में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई. लेकिन जब कई महीनों तक कोई वारदात नहीं हुई तो सुरक्षा सुस्त पड़ गई. अब आशंका है कि उसी मॉड्यूल ने ये धमाका करवाया है.

2010 की शुरुआत में यूपी पुलिस ने सलमान ऊर्फ छोटू नाम के एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया था. इसी शख्स ने बताया था कि भारत में आतंक का नया कमांडर है शहनवाज आलम. वाराणसी के घाटों को दहलाने के लिए शहनवाज पहले से साजिश रचता रहा है. 2005 में भी उसने कोशिश की थी. इसबार उसकी साजिश काम कर गई. वाराणसी के घाट पर रक्तपात हुआ और आतंक एकबार फिर यह दावा करने में जुट गया कि इंसानियत को खत्म करने की उसकी कोशिश जारी है.

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