scorecardresearch
 

वेंकैया नायडू बोले- सभी देशवासी चाहते हैं राम मंदिर बने, संसद में हुआ जमकर हंगामा

केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू का बयान ऐसे वक्त पर आया है जब अयोध्या में वीएचपी की ओर से मंदिर निर्माण के लिए पत्थर लाने की बात कही जा रही है.

अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने को लेकर एक ओर विश्व हिंदू परिषद की ओर से चलाए जा रहे अभियान पर जहां बसपा सुप्रीमो मायावती यूपी सरकार को घेर रहीं हैं तो वहीं बुधवार को केंद्र सरकार इसके समर्थन में दिखी. संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने यह कहते हुए मुद्दे को हवा दे दी कि सभी देशवासी राम मंदिर चाहते हैं.

नायडू ने शीतकालीन सत्र को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान यह बात कही. केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू का बयान ऐसे वक्त पर आया है जब अयोध्या में वीएचपी की ओर से मंदिर निर्माण के लिए पत्थर लाने की बात कही जा रही है.

जेडीयू सांसद ने उठाया मुद्दा
बुधवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही जेडीयू के नेता के.सी. त्यागी ने अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर के निर्माण के लिए पत्थर पहुंचाने और उसे तराशने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि अयोध्या में साम्प्रदायिक तनाव फैलाया जा रहा है. इस पर सरकार ने कहा कि वह इस मामले में अदालत के आदेशों से बंधी है.

त्यागी ने कहा, 'अयोध्या में एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनाई जा रही है, जैसी पहले थी. तनाव भड़काया जा रहा है.'

मायावती बोलीं- सपा सरकार फेल
समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस के सदस्यों ने भी त्यागी का समर्थन किया. बसपा नेता मायावती ने बीजेपी और आरएसएस पर राम मंदिर मुद्दे को एक बार फिर उठाकर राजनीतिक लाभ उठाने के प्रयास का आरोप लगाया. मायावती ने कहा कि अगर अयोध्या में कुछ भी गैरकानूनी तरीके से हो रहा है तो उसे रोकना यूपी सरकार की जिम्मेदारी है. लेकिन यूपी सरकार फेल हो गई. उन्होंने कहा, 'अपने कार्यकाल में हमने कभी भी ऐसी किसी गतिविधि को नहीं घटने दिया.'

उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए, जिससे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना हो. कानून-व्यवस्था बनाए रखना उत्तर प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है.

बोले नकवी- सरकार मान रही है कोर्ट का आदेश
खबरों के मुताबिक, राम जन्मभूमि न्यास (ट्रस्ट) ने अयोध्या में उस स्थान पर मंदिर निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है, जहां बाबरी मस्जिद गिराया गया था. इसका जवाब देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में कोर्ट के आदेशों का अनुपालन करने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा, 'पत्थरों को वर्ष 1990 से ही पॉलिश किया जा रहा है और जिस स्थान पर ऐसा किया जा रहा है, वह विवादित स्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है. दूसरा, सरकार और पार्टी (बीजेपी) दोनों का मानना है कि अदालत के निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए और हम ऐसा करेंगे. पत्थर तराशने पर कोई प्रतिबंध नहीं है. इसका अर्थ यह नहीं है कि राम मंदिर बनाया जा रहा है.'

क्या है मामला?
दरअसल, छह महीने पहले देशभर से पत्थर इकट्ठा करने का राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया गया था. इसी के तहत जमा किए किए पत्थरों से लदे दो ट्रकों ने रविवार को शहर में प्रवेश किया है. इसी को लेकर एक बार फिर से राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को हवा मिल गई है. हालांकि, राम मंदिर का मुद्दा अभी सुप्रीम कोर्ट में विचारधीन है पत्थर लाने के बाद जिला पुलिस सतर्क हो गई है और हालात पर नजर रख रही है.

अयोध्या विवाद पर अखिलेश की सोशल मीडिया पर नजर
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को अयोध्या में राम मंदिर पर बढ़ रहे विवाद पर संज्ञान में लेते हुये निर्देश दिए हैं कि अयोध्या में किसी भी तरह के विवाद को हवा न मिले. वहीं, सोशल मीडिया पर भी नजर रखने की हिदायत दी गई है ताकि अयोध्या विवाद को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रामक मैसेज लोगों के बीच वायरल न हो पाएं.

पत्थर लाने का किसी को अधिकार नहीं
कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह ने कहा कि अयोध्या में कोर्ट का स्टे है. वहां पर पत्थर लाने का मामला संज्ञान में आया है. वहां पर पत्थर रखने और लाने का अधिकार किसी को नहीं है. यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है. यदि कोई भी कानून का उल्लंघन करते हुए ऐसा काम करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें
ऐप में खोलें×