आपने सोशल मीडिया और टीवी पर एक विज्ञापन जरूर देखा होगा, जिसमें दो पुलिसवालें किसी नेता के काफिले को रोककर एंबुलेंस को जाने देते हैं. लेकिन बमुश्किल ही आपने ऐसा आम जिंदगी पर देखा होगा. लेकिन बंगलुरु में कुछ ऐसा ही हुआ, जब एक ट्रैफिक पुलिस वाले ने एंबुलेंस को जाम से निकलवाने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का काफिला ही रुकवा दिया.
दरअसल, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शनिवार को बंगलुरु में थे, इस दौरान वहां के ट्रिनिटी सर्किल पर भारी जाम लगा, और एक एंबुलेंस वहां फंस गई. तभी वहां पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के सब-इंस्पेक्टर एम.एल. निजलिंगप्पा ने एंबुलेंस को निकलवाने के लिए पूरे ट्रैफिक को रोक दिया और वहीं इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के काफिले को भी रोक दिया था.
के इस कदम के बाद उनकी चारों ओर तारीफ हो रही है, अब उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा. बंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के डिप्टी कमिश्नर की ओर से ट्वीट किया गया है कि उनके इस कदम की हम तारीफ करते हैं, उन्हें इसको लेकर सम्मानित भी किया जाएगा.
PSI Sh Nijlingappa is rewarded for deftly allowing the ambulance before the 1st citizen of India. gives way to 🚑, do you?
— DCP Traffic East (@DCPTrEastBCP)
आपको बता दें कि जाम, रेड लाइट या किसी अन्य विकट परिस्थिति में एंबुलेंस को हर ट्रैफिक नियमों से छूट मिलती है.