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तलाक संबधी मामलों के जल्द निपटारे के लिए अलग कोर्ट बने: हेमा मालिनी

हेमा ने कहा कि तलाक के मामलों के निपटारे में दस-दस साल लग जाते हैं, जिससे तलाक के फैसला आने में लंबा समय लग जाता है और लोगो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. हेमा मालिनी ने कहा कि वैवाहिक जीवन में पुरुष और महिलाएं जीवन की गाड़ी के दो पहिये हैं. लेकिन हाल के वर्षों में विभिन्न कारणों से तलाक के मामलों में बढ़ोतरी हुई है.

हेमा मालिनी हेमा मालिनी

बीजेपी सांसद और फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी ने तलाक संबंधी मामलों में देरी से निपटने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तलाक के मामलों की जल्द सुनवाई के लिए अलग से अदालत बने. लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी की मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाया.

हेमा ने कहा कि तलाक के मामलों के निपटारे में दस-दस साल लग जाते हैं, जिससे तलाक के फैसला आने में लंबा समय लग जाता है और लोगो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. हेमा मालिनी ने कहा कि वैवाहिक जीवन में पुरुष और महिलाएं जीवन की गाड़ी के दो पहिये हैं. लेकिन हाल के वर्षों में विभिन्न कारणों से तलाक के मामलों में बढ़ोतरी हुई है.

 

भाजपा सदस्य ने कहा कि कई ऐसे मामले आते हैं जिनमें पति-पत्नी के संबंधों में कड़वाहट आ जाती है, जिससे मधुर वैवाहिक संबंध जारी नहीं रह पाता और बात तलाक तक आ जाती है. और तलाक का मामले का निपटारा होने में लंबा समय होता जाता है जो कष्टदायक हो जाता है.

उन्होंने लोक सभा में कहा कि तलाक की अदालती प्रक्रिया में दस-दस साल बीत जाते हैं, जिससे उनके वैवाहिक जीवन का प्रमुख समय बीत जाता है. उन्होंने कहा कि तलाक के मामलों की सुनवाई के लिए अलग से अदालत गठित की जानी चाहिए, ताकि मामलों का निपटारा जल्दी हो और तलाक लेने वाले युवक-युवतियों को नए सिरे से वैवाहिक जीवन जीने का पूरा वक्त मिले.

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