तमिलनाडु के ममल्लापुरम में समुद्र में मछली मारने के दौरान मछुआरों के जाल में बैरल फंस गया. बैरल में रिफाइंड चाय नहीं, बल्कि पुड़िया थी. मछुआरों ने जब उस पुड़िया को खोला तो उनके होश उड़ गए. पुड़िया में चाय नहीं, सफेद पदार्थ था. मछुआरों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी.
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मौके पर पहुंची पुलिस ने बैरल को कब्जे में लेकर जब जांच कराई, तो पता चला कि उसमें चाय की पुड़िया नहीं मादक पदार्थ है. बैरल से निकला मादक पदार्थ क्रिस्टल मेथमफेटामाइन बताया जाता है. पुलिस ने इसे सीज कर तहकीकात शुरू कर दी है. पुलिस ने इसके तस्करी की गई ड्रग्स की किसी खेप का हिस्सा होने का शक जताया है.
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जानकारी के अनुसार, बरामद क्रिस्टल मेथ का वजन 78 किलो बताया जा रहा है. बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है. पुलिस को शक है कि यह बैरल दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में सक्रिय ड्रग तस्करों की ओर से समुद्र तट पर उतरी किसी खेप का ही हिस्सा है.
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गौरतलब है कि ममल्लापुरम में मछली मारने के दौरान ये बैरल जाल में फंस गए थे. मछुआरे इसे लेकर तट पर आए. रिफाइंड चाय के नजर आ रहे बैरल को खोलकर मछुआरों ने देखा तो उसमें पुड़िया निकली. इस पुड़िया में सफेद पदार्थ था. गौरतलब है कि ड्रग्स तस्करों का गिरोह समुद्री रास्तों का अधिक उपयोग करता है.