निओ कॉर्प ने 1985 में थैले बनाने से काम शुरू किया था और आज यह इंटरनेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल ग्रुप के रूप में काम कर रही है. सूत्रों के मुताबिक कंपनी के कई दफ्तरों में फरवरी में आयकर विभाग ने छापेमारी भी की थी.
इससे पहले कालेधन की जांच में यश बिड़ला समेत पांच भारतीयों का नाम सामने आया था. इनमें शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा के दामाद गुरजीत सिंह कोचर, दिल्ली की कारोबारी रितिका शर्मा का नाम शामिल था. भारत सरकार ने से कालेधन की जांच में सहयोग के लिए सूचनाएं साझा करने का समझौता किया है. इसी के तहत स्विस सरकार ये सूचनाएं साझा कर रही है.
स्विट्जरलैंड सरकार ने कर अपराधों की जांच कर रहे दूसरे देशों
को चोरी से हासिल सूचनाओं और आंकड़ों के आधार पर भी भारत का सहयोग करने के लिए अपने कानून में संशोधन का प्रस्ताव किया है. लेकिन इसके लिए शर्त है कि
ऐेसे मामलों में ब्योरा प्रशासनिक चैनल या सार्वजनिक सूत्रों के माध्यम से मिला होना चाहिए.