विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मोदी सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर रविवार को मीडिया को संबोधित किया. यहां सुषमा स्वराज कई मुद्दों पर सरकार की ओर से बात रखी. माल्या और ललित मोदी पर सुषमा ने बताया कि भारत ने अब तक शराब कारोबारी विजय माल्या और आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन से संपर्क नहीं किया है क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय को विदेश मंत्रालय को कुछ जरूरी दस्तावेज इस संबंध में मुहैया कराने हैं.
सुषमा ने अपनी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चीन की सदस्यता को लेकर भारत का विरोध नहीं कर रहा, वह सिर्फ प्रक्रिया के मानदंडों की बात कर रहा है.
इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की एनएसजी सदस्यता पर कहा कि भारत किसी भी देश के प्रवेश का विरोध नहीं करेगा. हम मेरिट के आधार पर पाकिस्तान समेत किसी भी देश के एनएसजी में प्रवेश के खिलाफ नहीं हैं. ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि भारत इस साल के अंत तक एनएसजी का मेंबर बन जाए.
We are trying to ensure that India becomes a member of NSG by the end of this year itself: EAM Sushma Swaraj
— ANI (@ANI_news)
के साथ संबंधों पर विदेश मंत्री ने कहा कि हम पठानकोट पर पाक की तरफ से ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं. पाकिस्तान ने एनआईए के दौरे का प्रस्ताव खारिज नहीं किया है, कुछ और समय मांगा है. भारत-पाक के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है, लेकिन ये बात सिर्फ भारत और पाकिस्तान के बीच ही होगी. कोई तीसरा पक्ष नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हम हर मुद्दे पर द्विपक्षीय बात को राजी, लेकिन पहले दहशतगर्दी बंद करनी होगी.
एनडीए प्रत्यर्पण की मांग कर रही है
सुषमा ने कहा कि माल्या के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने उनके मंत्रालय के पास प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा था लेकिन कुछ बदलाव सुझाए गए थे और जांच एजेंसी की तरफ से जवाब अभी नहीं आया है. ललित मोदी के मामले में उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने जरूरी दस्तावेज नहीं भेजे हैं. उन्होंने कहा, ‘जब हमें दोनों मामलों में प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध मिलेंगे तो हम ब्रिटेन को भेजेंगे.’ उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने मोदी के खिलाफ सिर्फ स्वदेश भेजने की कार्यवाही करने की मांग की थी लेकिन एनडीए सरकार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है.
वहीं लंदन में भारतीय उच्चायुक्त का विजय माल्या की मौजूदगी वाले एक कार्यक्रम में दिखने पर उन्होंने कहा कि उच्चायुक्त को विजय माल्या के बारे में कोई खबर नहीं थी क्योंकि वहां दो कार्यक्रम थे, एक पुस्तक विमोचन का और दूसरा हाई कमिशन की ओर से लंच था. इसके साथ ही विदेश मंत्री न जाने क्यों इस मामले को तूल दिया जा रहा है जबकि हर कोई जानता है कि हाई कमिश्नर माल्या को देखते ही वहां से चले गए थे.
2 साल में आई 55 अरब डॉलर FDI
विदेश मंत्री ने कहा कि हमने राज्य सरकारों और कैबिनेट मंत्रियों के सहारे दुनिया के करीब सभी देशों तक पहुंचने की कोशिश की है. हम घर बैठकर एफडीआई नहीं ला सकते. इस साल हमने 140 देशों से संपर्क किया. 65 और देशों से संपर्क करेंगे. विदेश मंत्रालय की उपलब्धि की बात करूं तो दो सालों में 55 अरब डॉलर की एफडीआई आई है.