सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें राज्य सरकार द्वारा इंटरनेट सर्विस को रोकने की शक्तियों को वापस लेने को कहा गया था.
एक पीआईएल दाखिल कर राज्य सरकार के इंटरनेट सेवाओं को बंद करने के अधिकार को सीआरपीसी की टेलीग्राफ एक्ट की धारा 144 और 5 के तहत चुनौती दी थी.
इंटरनेट को पूरी तरह बंद करना गलत
पीआईएल में कहा गया था कि इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया जाना चाहिए. हालांकि इसके इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने में कोई हर्ज नहीं.
पाटीदार आंदोलन में बंद की गई थी इंटरनेट सेवा
पिटीशन में गुजरात के पाटीदार आंदोलन का भी हवाला दिया गया है. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य में कानून व्यवस्था लागू करने के लिए इस तरह के कदम उठाए जाना कभी-कभी जरूरी हो जाता है.