जासूसी कांड की जांच लेकर यूपीए में फूट पड़ गई है. कांग्रेस ने सहयोगी दल एनसीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस मौजूदा यूपीए सरकार द्वारा कमिटी के लिए जज की नियुक्ति को गलत ठहराया है.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि यूपीए 2 के कार्यकाल के आखिरी मुहाने पर जांच कमिटी का गठन करना गलत होगा. मेरे पिताजी भी ऐसा ही मानते हैं.
Was talking to my dad last night & he felt the same way - setting up a commission of inquiry in the dying hours of UPA 2 is just wrong.
— Omar Abdullah (@abdullah_omar) May 4, 2014
इससे पहले, मीडिया में ऐसी रिपोर्ट आई थी कि एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने भी कांग्रेस के इस कदम को गलत ठहाराया है. अब देखना होगा कि साथियों के विरोध के बाद क्या कांग्रेस इस फैसले को टालती है या नहीं.
कांग्रेस का आरोप है कि कथित तौर पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके करीबी सहयोगी अमित शाह के इशारे पर एक युवती की अवैध जासूसी कराई गई. इस घटना के वक्त शाह गुजरात के गृह राज्य मंत्री थे.'
केंद्र सरकार ने जहां मामले की जांच के लिए रिटायर जज की अध्यक्षता में आयोग गठित किए जाने की घोषणा की वहीं बीजेपी ने कहा है कि अंतिम समय में बुरी नीयत से लिए गए किसी भी फैसले को अगली सरकार नहीं ढोएगी.