पेरिस में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर शिवसेना ने हिंदुस्तान को सचेत रहने की सलाह दी है. मुखपत्र 'सामना' में संपादकीय लेख के जरिए शिवसेना ने जहां एक ओर आतंकी हमले पर दुख जताया है, वहीं केंद्र सरकार को सावधान करते हुए लिखा है कि बीते कुछ अरसे से ISIS जिस तरह कश्मीर में सक्रिय है, वह गंभीर है.
शिवसेना ने लिखा है, 'आतंकवाद के खिलाफ युद्ध हमें अपने हिसाब से लड़ना होगा. जिस आइसिस ने पेरिस में बम धमाके कराए हैं, वही आइसिस बीते एक अरसे से कश्मीर में सक्रिय नजर आ रही है. कश्मीर में जिस अंदाज में आइसिस के झंडे फहराए जा रहे हैं वह अपने आप में गंभीर है. पेरिस में हुए नरसंहार के बाद तो इस बात पर हर किसी को गंभीरता से विचार करना होगा.'
अमेरिकी पाप का भागीदार है फ्रांस
'सामना' में पार्टी ने आगे लिखा है, 'अमेरिका ने अपने स्वार्थ के लिए इराक को नष्ट किया था. सद्दाम हुसैन ने अपने स्वार्थ की खातिर अमेरिका को मार डाला. फ्रांस अमेरिकी पाप का भागीदार है. सद्दाम के पतन के बाद सीरिया समेत मध्य एशिया के तमाम राष्ट्रों में अराजकता व्याप्त हुई. इसी अराजकता से आइसिस जैसा भूत पैदा हुआ है. अब आतंकवाद का ये भूत यूरोपीय राष्ट्रों को भी नहीं छोड़ रहे हैं.'
फ्रांस में बढ़ी है मुस्लिम जनसंख्या
शिवसेना ने आतंकवाद को एक बार फिर धर्म से जोड़ा है. उसने लिखा है, 'बीते कुछ वर्षों में फ्रांस में मुस्लिम जनसंख्या बढ़ी है और जिस तरह इसकी बढ़ती जनसंख्या ने हिंदुस्तान में सिर दर्द पैदा किया है, वही हालात इन दिनों फ्रांस में भी हैं. किंतु दोनों के बीच एक अंतर है. हिंदुस्तान के राजनेता इस बढ़ती आबादी के समक्ष झुकने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, फ्रांस का राजनेता इस बढ़ती आबादी की आक्रामकता को बिलकुल स्वीकार नहीं करता.'