राहुल गांधी छुट्टियों से लौटने के बाद से लगातार सक्रिय हैं. . भले ही उन पर कुछ न कर पाने की तोहमत लगती रही हो - लेकिन जो कुछ भी वो कर रहे थे या हो रहा था उसमें एक ब्रेक तो बनता ही है. अब वो पूरी तरह तरोताजा हैं. जाहिर है चुनौतियां भी नई हैं, लेकिन उससे क्या? परफॉर्म तो उन्हें हर हाल में करना ही है.
ऐसा भी नहीं है कि चुनौतियां सिर्फ उन्हीं के सामने हैं. उनसे पहले भी बहुत सारे लोगों ने चुनौतियां मिलने पर अपनी अलग रणनीति बनाई, उस पर अमल किया और कामयाब हुए. ऐसी कई शख्सियतें हैं जो के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती हैं, बशर्ते राहुल उनसे कुछ सीखना चाहें.
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