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नरेंद्र मोदी को प्रचार समिति का चेयरमैन बनाया गया

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बीजेपी की चुनाव प्रचार समिति का चेयरमैन बनाया गया. इसकी घोषणा बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन की.

नरेंद्र मोदी नरेंद्र मोदी

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बीजेपी की चुनाव प्रचार समिति का चेयरमैन बनाया गया. इसकी घोषणा बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन की.

राजनाथ सिंह ने कहा कि 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है. ऐसे में पार्टी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव अभियान समिति का चेयरमैन बनाया है. उन्होंने बताया कि यह फैसला सभी की सहमति से लिया गया.

जब राजनाथ सिंह ने मीडिया के सामने आकर मोदी की नियुक्ति की घोषणा की तो उस वक्त में मंच पर लालकृष्ण आडवाणी को छोड़कर पार्टी के कई नेता मौजूद थे. मंच पर राजनाथ के अलावा सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, अनंत कुमार, वेंकैया नायडू जैसे बड़े नेता साथ दिखे.

ऐलान के बाद मान-मनौव्वल जारी
मोदी को चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी दिए जाने के ऐलान के बाद बीजेपी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता आडवाणी को मनाने की कवायद शुरू कर दी. बैठक स्थल पर लगे पोस्टर में आडवाणी की तस्वीर ना होने की खबर मीडिया में आने के बाद आडवाणी और वाजपेयी के पोस्टर लगा दिए गए. इस बीच, चुनाव समिति की कमान संभालने के बाद मोदी ने भी ट्वीट किया कि उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी से फोन पर बात की.

2014 की जंग मोदी बनाम राहुल गांधी?
मोदी को चुनाव प्रचार समिति की कमान मिलने के बाद माना जा सकता है कि 2014 आम चुनाव की जंग मोदी बनाम राहुल गांधी होगी. वैसे तो कांग्रेस सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मनमोहन सिंह के सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात कह रही है. लेकिन राहुल कांग्रेस के चेहरे हैं. कांग्रेस उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद उन्हें चुनाव अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी भी मिल चुकी है. तमाम राज्यों में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व अन्य कार्यकर्ताओं से भी वह लगातार संपर्क में हैं. ऐसे में मुमकिन है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में दो चेहरे आमने-सामने होंगे नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी.

राष्ट्रवाद है कांग्रेस पार्टी को सत्ता से हटानाः नरेंद्र मोदी
पीएम पद को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षा तो जगजाहिर है. इसके लिए अब तक कट्टरवादी हिंदुत्व की छवि का दामन थामने वाले मोदी अब राष्ट्रवाद की बात करने लगे हैं, और उनके लिए राष्ट्रवाद है कांग्रेस पार्टी को सत्ता से हटाना.

बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने इन्हीं शब्दों का इस्तेमाल किया. इशारा साफ था. निशाने पर है कांग्रेस. और हथियार है राष्ट्रवाद ना कि हिंदुत्ववाद.

अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत राजनैतिक नहीं, राष्ट्रवादी कार्यक्रम है. उन्होंने कांग्रेस पर देश का विश्वास तोड़ने का आरोप लगाया, साथ ही सत्तारूढ़ पार्टी को अविश्वास के माहौल के लिए जिम्मेदार बताया.

अपने भाषण के दौरान उन्होंने कांग्रेस के भारत निर्माण विज्ञापन पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'यूपीए का विज्ञापन कहता है कि भारत निर्माण पर हक है मेरा. पर सच तो यह है कि भारत निर्माण पर हक नहीं, शक है मेरा.'

पार्टी का राजनीतिक प्रस्ताव पास
इससे पहले, राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बीजेपी की राजनीतिक प्रस्ताव पास हो गया. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया जिसका समर्थन गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया.

इस राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया है कि यूपीए के चार साल देश के लिए बेहद ही खराब रहे. इस दौरान देश में आर्थिक गिरावट आई. इस प्रस्ताव में सोनिया-मनमोहन मॉडल पर सवाल उठाया गया है कि कांग्रेस का ढांचा दोषपूर्ण है. यूपीए में सत्ता के दो केंद्र हैं. दोनों केंद्रों के बीच मनमुटाव है. प्रस्ताव पर अपना मत रखते हुए पार्रिकर ने कहा कि यूपीए में सोनिया कैबिनेट अलग और मनमोहन सिंह कैबिनेट अलग है.

शाहनवाज हुसैन ने बताया कि देश कांग्रेस के कुशासन से मुक्ति चाहता है और बीजेपी ही एक मात्र विकल्प है.

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