कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपनी यात्रा के दूसरे चरण में बुधवार को प्रसिद्ध कंतित शरीफ दरगाह और विन्ध्यांचल में विन्ध्यवासिनी देवी के मंदिर जाएंगे. पहले वे दरगाह भी चादर चढ़ाएंगे और इसके बाद मंदिर में जाकर मत्था टेकेंगे.
कांग्रेस की वापसी के प्लान को लेकर राहुल गांधी एक तरफ भगवान के दर्शन कर रहे हैं तो दूसरी ओर जनता से भी जोर-शोर से मिल रहे हैं. यही वजह है कि गांव की खाट सभा से लेकर तमाम सिद्ध मंदिर और मठों में राहुल गाँधी अपनी हाजिरी दे रहे हैं. अयोध्या के हनुमान गढ़ी में भी इसी क्रम में मत्था टेकने जा चुके हैं.पुश्तैनी घर इलाहाबाद तक करेंगे यात्रा
दूसरे चरण में राहुल एक हफ्ते तक 2500 किलोमीटर की यात्रा करेंगे. इसमें पहले दिन मिर्जापुर भदोही होते हुए अपने पुश्तैनी घर इलाहाबाद पहुंचेंगे. इस दौरान वे 10
जिलों से गुजरेंगे. देवरिया से दिल्ली तक की राहुल की ये यात्रा कई मायनों में अहम है. कांग्रेस जहां इस यात्रा से अपने पुराने वजूद को पाने को बेताब दिख रही है वहीं
राहुल गांधी फिर से उत्तर प्रदेश में अपनी लोकप्रियता को भी परखना चाहते हैं.
उधर, प्रशांत किशोर ने राहुल की इस यात्रा की पूरी ब्लु प्रिंट तैयार की है और राज्य में यात्रा और इसके इंपैक्ट की चर्चा भी हो रही है. ऐसे में राहुल का मंदिर और मजारों पर जाना इसी ब्लु प्रिंट का हिस्सा मालूम पड़ता है. लेकिन ये देखना लाजिमी है कि आखिर इसका कितना फायदा कांग्रेस को मिलता है.