जमीयत उलेमा ए हिंद के राष्ट्रीय एकता सम्मलेन में पीएम नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक चुटकी ली गई. पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का लिखित संदेश पढ़ा गया. गुलाम नबी आजाद ने उनका संदेश पढ़ते हुए कहा कि फिरकापरस्ता ताकतें मुल्क को तोड़ने में लगी है. इसके खिलाफ सब लोगों को एक साथ आना होगा.
सोनिया ने किए उर्दू में दस्तखत
आजाद ने बताया कि के लिए भेजे गए संदेश में सोनिया गांधी ने उर्दू में दस्तखत किए हैं. संदेश में कहा गया है कि जैसे आप सब बाहर सेक्युलरिज्म की लड़ाई लड़ रहे हैं, वैसे ही सोनिया गांधी संसद के अंदर यह लड़ाई लड़ रही है. इस मौके पर कई वक्ताओं ने आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के कार्यक्रम पर भी निशाने साधे. राहुल गांधी के भी यहां पहुंचने की खबर है.
Sonia Gandhi ji is fighting for secularism, inside & outside the Parliament: GN Azad, Congress
— ANI (@ANI_news)
फिरकापरस्ती का जवाब फिरकापरस्ती नहीं
इस मौके पर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि देश की अखंडता सेक्युलरिज्म पर आधारित है. जमीयत उलेमा ए हिंद के प्रमुख अरशद मदनी ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी में खुदकुशी करने वाले छात्र को याद करते हुए कहा कि उस बच्चे को उसका हक नहीं मिला. वहीं पीएम मोदी ने उसलके नाम पर मगरमच्छी आंसू बहाए. उन्होंने कहा कि फिरकापरस्ती को फिरकापरस्ती से नहीं मिटाया जा सकता है.
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उमर-अनिर्बान की रिहाई की मांग
इस बीच जेएनयू में देशविरोधी आयोजन के आरोपी उमर खालिद के पिता भी सम्मेलन के मंच पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि आजादी के 67 साल बाद भी यूनिवर्सिटी के छात्रों को आजादी मांगनी पड़ रही है. देशद्रोह के आरोपी उमर खालिद ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था. सीपीएम नेता मो. सलीम ने जेएनयू में छात्रों पर देशद्रोह का आरोप लगा दिया गया. पकड़कर देशभक्ति का सर्टिफिकेट मांगा जा रहा है. इसाई नेता जॉन दयाल ने भी उमर की रिहाई की मांग की गई.
पीएम की पाकिस्तान यात्रा पर निशाना
इसके पहले आचार्य प्रमोद कृष्णन ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पूरी दुनिया को अपना बताते हैं, लेकिन अपने ही परिवार को अपनाते नहीं. उन्होंने कहा कि चुनावी वादे में जो पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात करते थे, वह किसी को बिना बताए और बिना बुलावे के पाकिस्तान चले गए.
कई राजनीतिक और धार्मिक नेता शामिल
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित हो रहे इस सम्मलेन में हजारों लोग शामिल हुए हैं. जमीयत के अध्यक्ष , महमूद मदनी, मीम अफजल, यूपी के कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर और नवाब इकबाज महमूद जैसे कई नेता सम्मेलन में शामिल हुए हैं.