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शीतकालीन सत्र का पहला दिन हंगामेदार, जम्मू-कश्मीर, चिटफंड और प्रदूषण पर चर्चा

पहले दिन लोकसभा में जम्मू-कश्मीर की स्थिति और नेशनल कांफ्रेंस के सुप्रीमो फारूक अब्दुल्ला की रिहाई को लेकर विपक्ष ने काफी हंगामा किया. वहीं दूसरी ओर उच्च सदन में भारतीय शासन-व्यवस्था में राज्यसभा की भूमिका और भविष्य की दिशा पर विशेष चर्चा हुई.

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लोकसभा के पहले दिन की कार्यवाही (फोटो साभार: लोकसभा टीवी)
लोकसभा के पहले दिन की कार्यवाही (फोटो साभार: लोकसभा टीवी)

  • संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू
  • 13 दिसंबर तक चलेगा शीतकालीन सत्र
  • शुरुआत से ही विपक्ष ने किया हंगामा
  • J-K और अर्थव्यवस्था पर विपक्ष का हंगामा

संसद का शीतकालीन सत्र आज (18 नवंबर) से शुरू हुआ. पहले दिन लोकसभा में कई अहम बातें रखी गईं. लोकसभा में खराब होती वायु गुणवत्ता और गंदे पानी की बात उठी. चिटफंड एमेंडमेंट बिल पर खुली चर्चा हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा के 250वें सत्र के अवसर पर संबोधित किया.

पहले दिन लोकसभा में जम्मू-कश्मीर की स्थिति और नेशनल कांफ्रेंस के सुप्रीमो फारूक अब्दुल्ला की रिहाई को लेकर विपक्ष ने काफी हंगामा किया. वहीं दूसरी ओर राज्यसभा में भारतीय शासन-व्यवस्था में राज्यसभा की भूमिका और भविष्य की दिशा पर विशेष चर्चा हुई. इसके साथ ही राज्यसभा के सदस्यों ने सदन की कार्यवाही को बेहतर बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव भी दिए.

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पीएम मोदी ने राज्यसभा के 250वें सत्र को किया संबोधित

पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में राज्यसभा में योगदान देने वालों का अभिनंदन किया. उसके बाद उन्होंने कहा कि सदन ने बदले हालात में खुद को ढालने की कोशिश की. पीएम मोदी ने कहा कि राज्यसभा के 250वें सत्र में शामिल होना मेरा सौभाग्य है. संसद भारत की विकास यात्रा का प्रतिबिंब है. 250 सत्र ये अपने आप में समय व्यतीत हुआ ऐसा नहीं है. एक विचार यात्रा रही. समय बदलता गया, परिस्थितियां बदलती गई और इस सदन ने बदली हुई परिस्थितियों को आत्मसात करते हुए अपने को ढालने का प्रयास किया. सदन के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं.

पीएम मोदी ने की एनसीपी और बीजेडी की तारीफ

. उन्होंने कहा कि सदन संवाद के लिए होना चाहिए. भारी बहस हो लेकिन रुकावटों के बजाय संवाद का रास्ता चुनें. एनसीपी और बीजेडी ने तय किया है कि वे वेल में नहीं जाएंगे. लेकिन फिर भी न एनसीपी न बीजेडी की राजनीतिक यात्रा में कोई रुकावट आई है. उच्च परंपरा जिसने बनाई उनका कोई राजनीतिक नुकसान नहीं हुआ. उनसे हमें सीखना चाहिए. इसकी चर्चा भी होनी चाहिए और उनका धन्यवाद देना चाहिए.

फारूक अब्दुल्ला को सदन में लाने की मांग

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लगातार नारे लगते रहे. लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें कई बार समझाने की कोशिश भी की और कहा कि मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि आपको अपनी बात रखने का मौका मिलेगा. जिसके बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी बोले, "फारूक अब्दुल्ला को यहां लाया जाए. यह उनका संवैधानिक अधिकार है. हम भी चाहते थे कि जम्मू-कश्मीर जाएं. हमारे नेता राहुल गांधी को एयरपोर्ट पर रोक दिया गया. विदेश के लोगों को ले जाया गया वहां दिखाने के लिए कि स्थिति सामान्य है. जम्मू-कश्मीर को खोला जाए."

इस बीच शिवसेना ने सदन बहिष्कार की घोषणा करते हुए वॉक आउट भी कर दिया. इसके कुछ देर बाद कांग्रेस ने भी इसी मुद्दे पर लोकसभा से वॉक आउट कर लिया.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद फारूक अब्दुल्ला की नजरबंदी को विपक्ष के नेताओं ने गैरकानूनी करार देते हुए इस पर गृह मंत्री से जवाब देने की मांग भी की. सौगत रॉय ने कहा कि फारूक 83 साल के हैं. आप या तो सरकार को निर्देश दें कि फारूक अब्दुल्ला को जल्द से जल्द रिहा करें या फिर आप गृह मंत्री को सदन के सामने अपना पक्ष रखने के लिए कहें. कश्मीर एक जेल में बदल चुकी है.

कलाकारों के बेहतर जीवन की उम्मीद

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गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन ने कलाकारों के जीवन को बेहतर बनाने की मांग की. उनकी जीविका सुनिश्चित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि कई कलाकार अपना इलाज तक नहीं करा पाते हैं. उत्तर-पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने रवि किशन की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मैं संस्कृति मंत्रालय से निवेदन करता हूं कि कलाकारों की परिभाषा स्पष्ट कर दें ताकि उनके लिए बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें.

जगदंबिका पाल ने उठाया वायु प्रदूषण का मुद्दा

बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने दिल्ली-एनसीआर में फैले वायु प्रदूषण का मुद्दा सदन में उठाते हुए कहा कि राज्य सरकारें एक दूसरे पर ब्लेम गेम खेल रही हैं. दिल्ली की एमसीडी को केन्द्र सरकार द्वारा कई करोड़ रुपये दिए गए. लेकिन फिर भी दिल्ली में एक्यूआई लेवल 600-700 के आसपास बना हुआ है. स्कूल बंद करने पड़े. इस वजह से बच्चों को घरों में कैद रहना पड़ा. दिल्ली की सड़कें सुनसान हो गईं.

पासवान बोले- सबसे खराब पीने का पानी दिल्ली का

मीनाक्षी लेखी और मनोज तिवारी के बाद केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने दिल्ली में प्रदूषित पानी पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हमने पानी की जांच करवाई और सारे सैंपल फेल हो गए. आप नेताओं को भी बुलवाया लेकिन वे लगातार कहते रहे कि हमारा पानी शुद्ध है. सब जगह स्वच्छ पानी मिलना चाहिए. 3 अक्टूबर को हमने बैठक बुलवाई थी और देश भर में एक महीने के भीतर पानी की जांच करने की बात कही. 21 प्रदेशों की जांच हुई जिसमें सबसे अच्छा मुंबई और सबसे खराब पानी दिल्ली का निकला.

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हंसराज हंस बोले, प्रदूषित हवा और गंदे पानी से राग दरबारी खतरे में

बीजेपी सांसद हंसराज हंस ने कहा कि दिल्ली में बड़े अरमानों से आए थे. सारे के सारे कलाकारों की ओर से विनती है कि उनकी राग दरबारी खतरे में है. सबके गले प्रदूषित हवा से और गंदे पानी से खराब हो रहे हैं. सुर रूठ गए हैं. कहते हैं कि जग में अगर संगीत ना होता... कोई किसी का मीत ना होता... ये एहसान है सात सुरों का कि वीरान नहीं है... विनती है कि इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए साफ हवा और पानी सबको मिलनी चाहिए.

लोकसभा में उठी मैथिली टीवी की मांग

दरभंगा से बीजेपी सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा, " इसलिए मैं अनुरोध करता हूं कि 24 घंटे के लिए दूरदर्शन पर एक मैथिली टीवी शुरू की जाए. इसके लिए संपूर्ण मैथिल वासी आभारी रहेंगे".

शिवसेना ने उठाया किसानों की आत्महत्या का मुद्दा

महाराष्ट्र के हिंगोली से सांसद हेमंत पाटिल ने किसानों की आत्महत्या के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश से फसलों को बहुत नुकसान हुआ है.

किसानों को जल्दी से जल्दी बीमा राशि का भुगतान हो और जिन्होंने बीमा नहीं करवाया है उन्हें भी मुआवजा मिले. बीमा कंपनियां बहुत कठिन शर्तें रख रहे हैं और कागज मांग रहे हैं.

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शिवसेना ने रखी ज्योतिबा फुले को भारत रत्न देने की मांग

शिवसेना सांसद श्रीरंग अप्पा बारणे ने शिक्षा और महिला सुधार के लिए काम करने वाले समाज सुधारक ज्योतिबा फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न प्रदान करने की मांग रखी.

निर्दलीय सांसद ने महाराष्ट्र की स्थिति के लिए शिवसेना को ठहराया जिम्मेदार

अगर वहां राष्ट्रपति शासन लागू हुआ है तो उसके पीछे सबसे बड़ा हाथ शिवसेना का है.

भगवंत मान ने पंजाब सरकार पर बोला हमला

आप सांसद भगवंत मान ने पंजाब की एक घटना पर बोलते हुए कहा कि पंजाब में दरिंदे इंसानियत का शिकार कर रहे हैं. संगरूर में एक दलित नवजवान को बहुत ही दरिंदगी से मार दिया गया. उसे पेशाब पिलाया गया. लोग प्रदर्शन कर रहे. उसका परिवार पीजीआई में बैठा हुआ है. मुख्यमंत्री छुट्टियां मनाने गए हैं कोई निर्णय लेने वाला नहीं है. मैं आग्रह करता हूं कि गृह मंत्रालय तुरंत हस्तक्षेप करे. पंजाब को लावारिस छोड़ कर सरकार यूरोप घूमने गई है.

वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने सदन में पेश किया चिटफंड अमेंडमेंट बिल 2019

कुछ बदलाव इसमें किए गए हैं. जिसके बाद गरीबों को पैसा उठाने का नया जरिया मिलेगा. कुछ लोग इसे इल्लीगल तरीके से देखते हैं लेकिन यह पूरी तरह लीगल है. राज्य इसके चिट की लिमिट तय करें. आप इस पर चर्चा करें सुझाव भी दें. बहुत सारी चर्चा के बाद यह बिल वापस सदन में आया है. पिछली लोकसभा में लैप्स कर गया था. आज इस पर अच्छी चर्चा हो और बिल पास हो. जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने तक इस बिल पर चर्चा हुई. सांसदों ने बिल को लेकर अपने-अपने विचार रखे.

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...जब स्पीकर को बोलना पड़ा आप लोकसभा को पश्चिम बंगाल विधानसभा न बनाएं

हुगली से बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने  चिटफंड अमेंडमेंट बिल 2019 का समर्थन किया. उनके संबोधन के दौरान विपक्ष के लोग खासकर टीएमसी के सदस्य हंगामा करते रहे. वे बार-बार उनको संबोधित करते हुए बोलती रहीं कि 'लाल डायरी कहां है'. इस दौरान अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठीं डॉ. काकोली घोष दस्तीदार उन्हें लगातार टोंकती रहीं कि वे आपस में बातचीत ना करें. इस बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने दोनों को शांत करते हुए कहा कि आप लोकसभा को पश्चिम बंगाल की विधानसभा न बनाएं. जिस बिल पर चर्चा हो रही है उसी की बात करें.

राज्यसभा की बैठक व्यवस्था में बड़ा बदलाव

नई व्यवस्था के मुताबिक निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल को मिली पहली पंक्ति में जगह. हरदीप पुरी को पांचवी पंक्ति से दूसरी लाइन में लाया गया. सुरेश प्रभु को दूसरी पंक्ति में जगल मिली. शरद पवार को टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन टीएमसी के बगल में जगह दी गई. इसके साथ ही शिवसेना को विपक्षी दलों के साथ एनसीपी के बदल जगह दी गई.

राज्यसभा में होती रही विशेष चर्चा

सदस्यों ने अपने-अपने विचार बताए और कुछ सुझाव भी पेश किए. राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज बहुत अच्छी चर्चा हुई. हमें हर दिन 250वां सत्र जैसा बनाने की कोशिश करनी चाहिए. अंत में राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि जो भी चर्चा आज हुई उसको ध्यान में रखें और सदन की गरिमा बढाएं. इसके साथ ही उन्होंने सदस्यों को सलाह दी कि उपस्थिति बढ़ाइए, ध्यान दीजिए और टेंशन मत पैदा कीजिए. अगली सलाह देते हुए सभापति ने कहा कि हर सभी को अनुशासन बनाए रखिए, यह किसी पार्टी की नहीं आप सभी की जिम्मेदारी है. बहस कीजिए, सकारात्मक रहिए.

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