क्या क़ानून जनता के बीच सड़क पर बनने चाहिए. रविवार को जंतर मंतर पर अन्ना ने जिस तरह जन संसद लगाई उसके बाद ये बहस ज़ोर पकड़ चुकी है.
सियासी बिरादरी में इसे लेकर अलग-अलग मत हैं. कृषिमंत्री शरद पवार कह रहे हैं कि संसद से ऊंचा और कोई नहीं है और सभी फ़ैसले संसद में ही होने चाहिए. पवार ने कहा कि एक सशक्त लोकपाल जरूर बनना चाहिए लेकिन इसका फैसला संसद करेगी.
जब पवार से पूछा गया कि उनकी पार्टी ने जंतर मंतर पर चर्चा में हिस्सा क्यों नहीं लिया तो इसपर उनका कहना था कि उनकी पार्टी को बुलाया नहीं गया. हालांकि टीम अन्ना का कहना है कि वैसी सभी पार्टियां जिनके 4 से अधिक सांसद हैं, चर्चा के लिए आमंत्रित की गई थीं.
रविवार को जिस तरह जंतर मंतर पर अन्ना के अनशन के दौरान चर्चा में सभी विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर हमला बोला था, उसे देखते हुए शरद पवार का यह बयान कांग्रेस के लिए राहत भरा हो सकता है.