दिल्ली से नोएडा की ओर जाने पर अक्सर लोगों को लंबे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है. इसके पीछे बड़ी वजह यह है कि जहां एक तरफ गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ इसे संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस की संख्या काफी कम है.
ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 11 लाख गाड़ियां रोजाना नोएडा से गुजरती है. मार्च में यह आंकड़ा 9 से 9.5 लाख के बीच था. हालांकि उसके बाद यह 11 लाख औसत पर बना हुआ है. यह आंकड़े ट्रैफिक हेडक्वॉर्टर के नोएडा स्थित दफ्तर में इंस्टॉल किए गए नए सॉफ्टवेयर से प्राप्त हुए हैं.
एक अधिकारी ने बताया कि इंजीनियरों की टीम रोजाना गाड़ियों के आंकड़ों पर नजर रख रही है. हालांकि साथ ही यह बात भी सामने आई है कि इन्हें संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस की संख्या बेहद कम है. गौतम बुद्ध नगर जिले में 72 ट्रैफिक पुलिस वाले तैनात हैं. यह संख्या पिछले 20 सालों से नहीं बदली है, जबकि इतने अंतराल में गाड़ियों की संख्या हजारों गुणा बढ़ गई है.
स्थिति खराब होने से बचाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने कुछ सामान्य पुलिस वालों को ट्रैफिक पुलिस में डाला है. वर्तमान में नोएडा में 150 ट्रैफिक पुलिसवाले और उनकी मदद करने के लिए 240 मार्शल तैनात हैं.
ट्रैफिक एसपी अनिल कुमार झा का कहना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए अभी कम से कम 400 ट्रैफिक पुलिसवालों की जरूरत है. 150 की संख्या काफी नहीं है. अनिल कुमार झा ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात से अवगत करा दिया है.
हालांकि झा कहते हैं कि ट्रैफिक पुलिसवालों की कम संख्या को देखते हुए हमने टेक्नोलॉजी पर निर्भरता बढ़ा दी है. कई जगह कैमरे इंस्टॉल किए हैं और सॉफ्टवेयर की मदद से ट्रैफिक उल्लंघन पर नजर रख रहे हैं.
आंकड़ों की बात करें तो 150 पुलिसवालों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गौतम बुद्धनगर जिले की ट्रैफिक पर नजर रखना पड़ रहा है. इस इलाके की जनसंख्या लगभग 25 लाख है और 8.5 लाख गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं. झा ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए आम लोगों से मदद की अपील भी कर रहे हैं.