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अखिल गोगोई पर नागरिकता कानून को लेकर हिंसा भड़काने का आरोप, UAPA के तहत केस दर्ज

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने किसान नेता अखिल गोगोई पर UAPA के तहत केस दर्ज किया है. अखिल गोगोई पर नागरिकता कानून को लेकर लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगा है.

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किसान नेता अखिल गोगोई  (फाइल फोटो क्रेडिट- हेमंत कुमार नाथ)
किसान नेता अखिल गोगोई (फाइल फोटो क्रेडिट- हेमंत कुमार नाथ)

  • NIA ने किसान लीडर अखिल गोगोई पर दर्ज किया केस
  • UAPA के तहत एक्शन, हिंसा भड़काने का है आरोप

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने किसान नेता अखिल गोगोई पर अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन अमेंडमेंट एक्ट (UAPA) के तहत केस दर्ज किया है. अखिल गोगोई पर नागरिकता कानून को लेकर लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगा है. साथ ही नागरिकता कानून का विरोध कर रहे लोगों को भड़काने का आरोप भी अखिल गोगोई पर लगाया गया है.

नागरिकता संशोधन कानून पर अखिल गोगोई का रुख हमेशा से केंद्र सरकार के खिलाफ रहा है. नागरिकता कानून बनने से पहले ही अखिल गोगोई ने कहा था कि अगर यह विधेयक पारित हो जाता है तो उत्तर पूर्व भारत समाप्त हो जाएगा. मुझे लगता है कि भारत के सभी लोकतांत्रिक लोग, जो संविधान और लोकतंत्र में विश्वास करते हैं, उन्हें इस विधेयक का विरोध करना चाहिए.

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गौरतलब है कि नागरिकता कानून को लेकर देश के कई हिस्सों में हिंसा जारी है. नॉर्थ ईस्ट में इसका सबसे ज्यादा विरोध किया जा रहा है. वहीं असम में 16 दिसंबर तक इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है. इसके अलावा स्कूल और कॉलेज भी बंद रहेंगे. असम में 16 दिसंबर से पहले इंटरनेट सेवाएं बाधित रहेंगी.

गौरतलब है कि गुवाहाटी में चंदमारी इलाके के पास शनिवार को सड़कों पर जिन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. पुलिस अधिकारियों ने हिंसक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और

पुलिस ने 1000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है. बुधवार और गुरुवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान 'गैरकानूनी गतिविधियों' में शामिल थे. गुवाहाटी में हालात सामान्य होते दिख रहे हैं. ऊपरी असम में, विशेषकर डिब्रूगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में, स्थिति अब भी अस्थिर बनी हुई है. अन्य अर्धसैनिक बलों के साथ सेना की 26 टीमें तैनात हैं. असम राज्य में कानून व्यवस्था को बहाल करने के लिए कई जगहों पर भारी मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है.

क्या है यूएपीए कानून?

यूएपीए कानून के तहत केंद्र सरकार किसी भी संगठन को आतंकी संगठन घोषित कर सकती है आतंक से जुड़े किसी भी मामले में उसकी सहभागिता या अगर आतंकवाद की तैयारी, आतंकवाद को बढ़ावा देना या आतंकी गतिविधियों में किसी अन्य तरह की संलिप्तता पाई जाती है तो कार्रवाई की जा सकती है. इसके अलावा यह कानून सरकार को यह अधिकार भी देता है कि इसके आधार पर किसी को भी व्यक्तिगत तौर पर आतंकवादी घोषित कर सकती है.

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