लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की हार बकवासबाजों और धंधेबाजों के कारण हुई. यह आकलन किसी और का नहीं स्वयं राजग के संयोजक जॉर्ज फर्नांडिस का है.
जॉर्ज ने कहा जो लोग इधर उधर चिल-पिल करते रहते हैं और राजनीति को धंधा बनाते हैं उसी के कारण राजग की हार हुई और संप्रग आगे निकल गया. देश के वरिष्ठ नेताओं में शुमार जॉर्ज इस बात से सहमत हैं कि राजग की पराजय में भाजपा के नकारात्मक प्रचार, मनमोहन सिंह पर व्यक्तिगत आक्षेप और वरूण गांधी प्रकरण का योगदान रहा है. इस बारे में सवाल पर उन्होंने कहा ऐसा नहीं होना चाहिए था.
जॉर्ज फर्नांडिस जनता दल (यू) से बगावत कर मुजफ्फरपुर से लोकसभा चुनाव लड़े और जमानत तक गवां बैठे. इसे वे अपने आकलन की गलती मानते हैं. वहीं अपने दल की बिहार में जबर्दस्त सफलता पर जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनबन के कारण उत्साहित होने को तैयार नहीं हैं. बिहार की 40 में से 20 सीटों पर जद (यू) और 12 पर भाजपा जीती है. इस जीत पर उनकी प्रतिक्रिया थी मुझे कुछ नहीं कहना है.
यहां तक कि जॉर्ज अपने ही सरकार की पीठ भी थपथपाने को तैयार नहीं हैं. बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज पर उन्होंने कहा मेरे पास लोग आते हैं और कहते हैं कि उनकी समस्याओं और परेशानियों को दूर नहीं किया जा रहा है. जिस अच्छी दिशा में सरकार को जाना चाहिए था ऐसा दिखाई नहीं दे रहा है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शरद यादव ने जॉर्ज फर्नांडिस को उनकी उम्र और सेहत देखते हुए लोकसभा चुनाव लड़ने से मना करते हुए राज्यसभा सदस्य बनाने की पेशकश की थी. परंतु जॉर्ज नहीं माने. इस संदर्भ के साथ जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें परिवार के सदस्यों और हितैषियों तक ने चुनाव नहीं लड़ने की सलाह दी थी. तब फर्नांडिस ने कहा कि राज्य सभा में कभी नहीं जाऊंगा, मरते दम तक नहीं जाऊंगा.
कभी अपने भाषणों से लोगों को उद्वेलित करने वाले जॉर्ज अब अपनी बात धाराप्रवाह नहीं कर पाते हैं. जब उनसे पूछा गया कि ऐसी खबरें हैं कि कुछ लोगों ने आपको चुनाव लड़ने की सलाह देकर अपनी निजी स्वार्थ सिद्धी की है तो जॉर्ज फर्नांडिस ने कहा कुछ लोगों ने ऐसा किया है. यह बिल्कुल ठीक है.
उन्होंने कहा राजनीति में जो भी व्यक्ति आता है वह मरते दम तक उससे अलग नहीं होता है. कई लोग राजनीति के नाम पर धंधा चला रहे हैं मेरे लिए यह देश सेवा का माध्यम है. जब उनसे पूछा गया कि चुनावी हार के बाद जीवन की सांध्य वेला में जॉर्ज फर्नांडिस क्या करेंगे तो उन्होंने कहा लड़ते रहेंगे, देश के लिए. सत्ता में रहने वाले लोगों ने देश को जहां पहुंचाया है, उसे लोग देख रहे हैं. लोग जल्द ही इसका जवाब देंगे.