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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा पोलिंग बूथ के बाहर PM मोदी की सेल्फी का मामला

याचिकाकर्ता का कहना है कि 30 अप्रैल 2014 को अहमदाबाद के रणिप इलाके में मतदान करने के तुरंत बाद नरेंद्र मोदी ने पार्टी के चुनाव चिह्न 'कमल' के साथ सेल्फी ली थी. बाद में इसे उन्होंने सोशल मीडिया पर भी जारी किया था, जो आचार संहिता का उल्लंघन है.

प्रधानमंत्री मोदी की इसी फोटो को लेकर दायर है याचिका प्रधानमंत्री मोदी की इसी फोटो को लेकर दायर है याचिका

साल 2014 में मतदान केंद्र के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेल्फी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. अहमदाबाद के एक निवासी ने बुधवार को पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव आचार संहिता के कथित उल्लंघन को लेकर सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की है.

याचिकाकर्ता का कहना है कि 30 अप्रैल 2014 को अहमदाबाद के रणिप इलाके में मतदान करने के तुरंत बाद नरेंद्र मोदी ने पार्टी के चुनाव चिह्न 'कमल' के साथ सेल्फी ली थी. बाद में इसे उन्होंने सोशल मीडिया पर भी जारी किया था, जो आचार संहिता का उल्लंघन है. बता दें कि गुजरात हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता निशांत डी वर्मा की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था.

वर्मा की दलील थी कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर दो FIR दर्ज किए गए थे, जिस पर गुजरात की BJP सरकार ने कोई जांच नहीं की. इस मामले में निर्वाचन आयोग ने गुजरात सरकार को तत्कालीन मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR करने के लिए कहा था.

पुलिस ने दी थी क्लीन चिट
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त 2014 में पोलिंग बूथ के पास 'कमल' के साथ सेल्फी मामले में पीएम को बड़ी राहत मिली थी. अहमदाबाद ग्रामीण कोर्ट ने गुजरात पुलिस के क्राइम ब्रांच की क्लोजर रिपोर्ट को मंजूर कर लिया.

मामले में जांच के बाद गुजरात पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मोदी ने पोलिंग बूथ से 100 मीटर के दायरे से बाहर जाकर सेल्फी ली, इसलिए आचार संहिता के उल्लंघन का मामला नहीं बनता.

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