जब भी ड्रेसिंग की बात आती है ज्यादातर भारतीय नेताओं के पास एक लंबी लिस्ट होती है चुनने के लिए. चाहे खादी का कुर्ता पायजामा हो या नेहरू जैकेट. विदेश दौरे पर वे बंद गले का ब्लैक या फिर ग्रे शूट की ट्रिक इस्तेमाल करते हैं. भारतीय प्रधानमंत्रियों की पहचान कभी भी तड़क भड़क के लिए नहीं रही है, लेकिन जब पैकेजिंग और प्रजेंटेशन की बात आती है तो नरेंद्र मोदी अपनी राजनीतिक बिरादरी से काफी आगे नजर आते हैं.
खुद को भुनाने में सफल रहे मोदी की पहचान एक ऐसे व्यक्ति के रूप में रही है जिसे अपने आधी बांह के कुर्ते के साथ कुछ भी ऊटपटांग बर्दाश्त नहीं. लेकिन अब मोदी वैश्विक स्तर पर अंतरराष्ट्रीय भूमिका के लिए तैयार हैं.
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए अपने पहले विदेश दौरे पर मोदी ने अपने पहनावे के साथ कुछ नया प्रयोग नहीं किया. हालांकि उन्होंने कुर्ता पायजामे के ऊपर बंदगले के शूट को तरजीह दी. लेकिन मोदी ने अपने अमेरिका दौरे के लिए बड़ा प्लान किया है. वह देश जो मोदी को लगातार वीजा देने से इंकार करता रहा, अब दोनों बांहें फैलाए उनके स्वागत को आतुर दिख रहा है.
मोदी के वार्डरोब में बदलाव की जिम्मेदारी फैशन डिजायनर ट्रॉय कोस्टा को मिली है. कोस्टा के क्लाइंट्स में बॉलीवुड के खान से लेकर अंबानी परिवार तक शामिल है. अपने बीस्पोक शूट के लिए मशहूर आशीष सोनी ने कहा, 'प्रोफेशनल सलाह मोदी की इमेज चमका देगी'. उन्होंने कहा, 'उदाहरण के लिए, जब भी कट एंड फिटिंग की बात आएगी तो एक प्रोफेशनल इसे अच्छा मैनेज कर सकता है.'
उधर, कोस्टा ने अपने नए असाइनमेंट पर कमेंट करने से इनकार कर दिया है. लेकिन जिन लोगों को इस बारे में पता है उनका कहना है कि नए वार्डरोब को तैयार होने में एक महीने का वक्त लग सकता है.
मोदी का अमेरिकी दौरा सितंबर में हो सकता है, जहां वह संयुक्त राष्ट्र की बैठक को संबोधित करेंगे और बराक ओबामा से मिलेंगे.
ब्राजील दौरे पर मोदी ने अपने सिग्नेचर स्टाइल कुर्ता पायजामे को किनारे कर दिया और बंदगला का शूट पहना. जिसे अहमदाबाद के जेड ब्लू ने डिजाइन किया था. जेड ब्लू एक लंबे समय से मोदी के कपड़े बनाता रहा है.
गौरतलब है कि जो शूट उन्होंने
ब्राजील दौरे पर पहना था वह 16 मई की चुनावी जीत के बाद ही अहमदाबाद से दिल्ली भेज दिया गया था.मोदी की लोकप्रियता में उनके निजी स्टाइलिस्ट और जेड ब्लू के सहमालिक बिपिन चौहान की झलक मिलती है.
मोदी की लोकप्रियता जैसे जैसे बढ़ती गई, चौहान भी लाइमलाइट में आते गए. अब चूंकि मोदी वैश्विक मंच पर आ गए है इसलिए कोस्टा भी
चौहान की तरह लाइमलाइट में रहेंगे.